तुलसीपुर। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध विक्रय और रिकाॅर्ड न दे पाने पर मेडिकल स्टोर संचालक पिता-पुत्र के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग के औषधि निरीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है। बुधवार को नासिरगंज बाजार स्थित नाग ड्रग हाउस व नाग मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान भारी अनियमिता पाए जाने पर विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई।
औषधि निरीक्षक श्रीकांत गुप्ता ने बताया कि नासिरगंज धूमबोझी स्थित नाग ड्रग हाउस के निरीक्षण में रायबरेली के मेसर्स अजय फार्मा व गाजियाबाद की ऐसले फार्माटेक के कोडीन युक्त कफ सीरप फेनसिपिक-टी, फेनसिपिक-टीपी और रेक्सले-टी भारी मात्रा में मिले हैं।
फर्म संचालक आकाश नाग से इन दवाओं के मूल क्रय-विक्रय अभिलेख मांगे गए, लेकिन वो दे नहीं सके। वहीं, रिकॉर्ड में कोडीन युक्त दवाओं का स्टॉक शून्य मिला और आकाश नाग ने पूरा स्टॉक पहले ही बेचने की बात कही।
कोडीन युक्त सिरप से मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद से इसके क्रय-विक्रय आदि कड़ी नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर कोडीन युक्त कफ सीरप का गैर-चिकित्सीय उपयोग नशे के रूप में भी तेजी से बढ़ रहा है। फर्म द्वारा बिना आवश्यक रिकॉर्ड और नियमों के भारी मात्रा में दवा विक्रय किया जाना गंभीर अपराध है।
जिस पर आकाश नाग के फर्म पर अनियमिताओं और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के उल्लंघन को देखते हुए क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। साथ ही प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। ऐसी ही लापरवाही नाग मेडिकल स्टोर पर भी मिली। प्रोपराइटर माता प्रसाद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में सोनवा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-बिशुनदेव पांडेय, थाना प्रभारी