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उत्तराखंड में लापता पांच मजदूरों का सुराग नहीं

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श्रावस्ती। उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से आई तबाही में जिले के पांच मजदूर लापता हो गए थे। इनकी तलाश छठवें दिन भी नहीं हो पाई। लापता मजदूरों के साथ गए तीन साथी बचाव कर्मियों के साथ अपने साथियों की तलाश में जुटे हैं। वहीं समय बीतने के साथ ही परिवारीजनों में भय बढ़ रहा है।
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सिरसिया के रनियापुर व कटकुइयां गांव थारू बाहुल्य है। मजदूरी की तलाश में तीन माह पूर्व रनियापुर गांव से छोटू, वेद प्रकाश, हरीलाल, अजय, प्रभूनाथ, हीरालाल, राजू के साथ राजेश उत्तराखंड के तपोवन में जलविद्युत परियोजना में मजदूरी करने गए थे। वहां सभी एक साथ कंपनी के क्वाटर में रहते थे। रविवार सुबह ग्लेश्यिर टूटने के बाद आई तबाही में छोटू, वेदप्रकाश, हरीलाल, अजय व प्रभूनाथ लापता हो गए थे। इसकी सूचना साथ गए अन्य तीन साथी ने गांव में दी थी।
इसी के बाद डीएम व एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारीजनों को यथासंभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया था।
वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में बचे तीन मजदूर अपने साथियों को ढूंढने के लिए प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर गांव में रह रहे लापता मजदूरों के परिवारीजन लगातार वहां के मजदूरों के साथ जिले में स्थित कंट्रोल रूम से संपर्क बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, वैसे-वैसे परिवारीजनों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही है। जबकि उत्तराखंड में बचे मजदूर में राजू का कहना है कि आसपास की पहाड़ियों व अन्य रास्तों पर साथियों की तलाश कर रहे हैं। एडीएम योगानंद पांडे का कहना है कि जिला प्रशासन उत्तराखंड के अधिकारियों के संपर्क में है। जैसे ही यहां के मजदूरों का पता चलेगा। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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