जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय खटिकनपुरवा के सामने लगा हैंडपंप खराब।
जमुनहा (श्रावस्ती)। नेपाल सीमा व राप्ती नदी के कछार में बसे जमुनहा क्षेत्र में ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों को कम गहराई वाले हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। देखा जाए तो क्षेत्र के भूगर्भ जल में आर्सेनिक की मात्रा अधिक है। ऐसे में दूषित जल का सेवन कर लोग न सिर्फ अपनी सेहत खराब कर सकते हैं, बल्कि पेट व त्वचा संबंधित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके बावजूद खराब हैंडपंपों की मरम्मत करने की जरूरत न तो ग्राम पंचायतें महसूस कर रही हैं और न ही क्षेत्र पंचायत। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अमर उजाला ने पड़ताल की तो सच्चाई उजागर हुई।
केस एक
जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय खटकन पुरवा के सामने लगा हैंडपंप विगत एक वर्ष से खराब है। इसकी मरम्मत न होने से ग्रामीण इसमें अपनी बकरियां बांध रहे हैं। वहीं पानी पीने के लिए लोगों को निजी हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
केस दो
जमुनहा के ग्राम भगवानपुर भैसाही के मजरा भगवानपुर में आरआरसी सेंटर के पास लगा हैंडपंप ग्रामीणों के लिए शोपीस बना हुआ है। हैंडपंप के चारों तरफ कीचड़ व जलभराव है। वहीं जल निकासी का प्रबंध न होने के कारण हैंडपंप के चबूतरे पर भी कीचड़ रहता है।
केस तीन
जमुनहा के मजरा कथरा माफी में लगा हैंडपंप टूट गया था। इसकी आठ माह बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। मामूली कमी के कारण लगे इस हैंडपंप का लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसे दुरुस्त करा दिया जाए तो सहूलियत मिलेगी।
केस चार
कथरा माफी से सटे पुरवे में राम बाबू के घर के पास लगा हैंडपंप कई साल से खराब है। इसकी मरम्मत न कराए जाने के कारण ग्रमीण इसमें अपने मवेशी बांध रहे हैं। हैंडपंप मरम्मत न होने स लोगों को गर्मी व बरसात में पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।
खराब हैंडपंपों को चिन्हित कर उनकी मरम्मत कराने का निर्देश दिया जा चुका है। इसके बावजूद यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
अखंड प्रताप, बीडीओ