श्रावस्ती। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्रों को चयनित करने में भी व्यापक स्तर पर घालमेल सामने आई है। लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान खुलासा हुआ है कि इसमें मृतक व फर्जी पात्रता के आधार पर निधि का पैसा हड़पा गया है। ऐसे 851 मामले सामने आने के बाद चेते अफसरों ने अब बैंक के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का हड़पा पैसा वापस वसूलने की कार्रवाई शुरू की है। विभिन्न बैंकों के माध्यम से अब तक छह लाख रुपये से अधिक की रिकवरी कराई जा चुकी है।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए कुल 193256 किसान पंजीकृत है। इनमें से 188630 किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्रथम किश्त, 183620 किसानों के खाते में दूसरी, 181633 के खाते में तीसरी, 165138 के खातों में चौथी, 163407 के खातों में पांचवीं, 156058 किसानों को छठवीं, 128580 किसानों को सातवीं, 103510 किसानों को आठवीं तथा 78460 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नौवीं किश्त तक का पैसा सीधे खाते के माध्यम से मिल चुका है।
इस दौरान कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकृत किसानों की खतौनी का सत्यापन कराए जाने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके तहत अभी तक 851 किसान या तो फर्जी पात्रता पर निधि का पैसा पाते या मृत्यु के बाद भी फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि का पैसा प्राप्त करते मिले हैं। सत्यापन में फर्जी पाए जाने पर अब तक विभाग द्वारा बैंक के माध्यम से ऐसे लोगों के खाते में भेजी गयी किसान सम्मान निधि के छह लाख रुपये की रिकवरी भी करायी जा चुकी है। बचे डिफाल्टरों के खाते से भी सम्मान निधि का पैसा वसूलने के लिए बैंकों को पत्र लिखा गया है। (संवाद)
चिह्नित डिफाल्टरों से शुरू हुई वसूली
छोटका पत्नी जवाहर भलुहिया 8000 रुपये
स्वामी दयाल पुत्र रामलखन अंधरपुरवा 2000 रुपये
बाबूलाल बाजपेई पुत्र राममनोरथ सलवरिया 14000 रुपये
छोटेलाल पुत्र मनोरथ इमलिया 4000 रुपये
नकछेद पुत्र भगौती कोटवा 8000 रुपये
बच्चाराम पुत्र ननकऊ प्रसाद दीननामगढ़ 12000 रुपये
पहलवान यादव पुत्र श्यामलाल अंधरपुरवा 4000 रुपये
अंबर प्रसाद पुत्र शंभूदयाल अकबरपुर 6000 रुपये
रामफेरन पुत्र श्रीदत्त पासीपुरवा इकौना देहात 6000 रुपये
जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है अथवा अपनी भूमि बेंचकर वह भूमिहीन हो चुके हो अथवा राजस्व अभिलेख में अभी तक उनका नाम दर्ज है लेकिन उनके पास भूमि नहीं है। ऐसे किसानों के नाम का सत्यापन कराया गया। इस दौरान जो भी फर्जी पात्रता अथवा मृतक किसान के नाम पर सम्मान निधि का पैसा लेता पाया गया है, उनके बैंक खातों में भेजी गयी सम्मान निधि राशि की पूरी रिकवरी करायी जा रही है। -डॉ. अवधेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी