श्रावस्ती। मौसम में हुए परिवर्तन को देखकर कृषि विभाग की ओर से फसलों को रोगों से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें किसानों को उर्वरक व रसायनों का संतुलित प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी बलजीत बहादुर वर्मा ने बताया बदलता तापमान और कोहरा फसलों में कीट और रोगों को बढ़ा सकता हैं। ऐसे में किसानों को फसलों की अधिक निगरानी करने की जरूरत है। गेहूं की बोआई के 20 से 30 दिन में ही पौधों में जिंक की कमी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में पांच किलो जिंक सल्फेट तथा 16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करना चाहिए।
आगे बताया कि गेहूंसा व जंगली जई आदि संकरी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए खरपतवारनाशी सल्फोसल्फ्यूरान 75 प्रतिशत डब्लूजी की 33 ग्राम को 300 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर बोआई के 30 से 35 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए।
किसान फसल में लगे रोग की फोटो के साथ नाम, ग्राम का नाम, विकास खंड व जिले का नाम लिखकर मोबाइल नंबर 9452247111 व 9452257111 पर एसएमएस करें। साथ ही व्हाट्सएप भेजें। इससे किसानों को संबंधित समस्या का समाधान 48 घंटे में मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से मिल जाएगा।