मल्हीपुर क्षेत्र में मंदिर से लाउडस्पीकर उतारते कर्मी
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श्रावस्ती। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धार्मिक स्थलों पर कम से कम ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग करने तथा उसे एक निर्धारित मानक तक ही ध्वनि तीव्रता के लिए निर्देशित किया गया था। इस आदेश के बाद हरकत में आए पुलिस व तहसील प्रशासन ने मंदिरों व मस्जिदों सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर लगे ध्वनि विस्तारण यंत्रों को हटवाया जा रहा है।
मंदिर व मस्जिदों पर मात्र एक लाउडस्पीकर धीमी गति में बजाने की अनुमति है। जबकि देखा जाए तो इन धार्मिक स्थलों पर कई-कई लाउडस्पीकर तीव्र ध्वनि से बजाए जा रहे थे। जिसे संज्ञान में लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक से अधिक लाउडस्पीकरों को बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस प्रतिबंध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया था।
डीएम नेहा प्रकाश व एसपी अरविंद कुमार मौर्य द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में आदेश का अक्षरश: अनुपालन कराने की निर्देश दिया गया था।
इस निर्देश के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस द्वारा अभियान चला कर मंदिर व मस्जिदों पर अवैध रूप से लगाए गए लाउडस्पीकर उतरवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं मंदिर व मस्जिदों पर मात्र एक लाउडस्पीकर धीमी गति में बजाने का सख्त निर्देश ही दिया जा रहा है। ताकि तीव्र आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण न हो। इसके कारण बुुजुर्गों, छात्रों, रोगियों को कोई दिक्कत न होने पाए। इतना ही नहीं मांगलिक आयोजनों, शादी समारोह व जुलूस में भी बिना अनुमति डीजे व लाउडस्पीकर बजाने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा रही है।