गिरंट बाजार। गांवों में स्वच्छता की बयार बहाने के लिए शासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कूड़ा पृथक्करण केंद्र बनाए गए हैं। शासन का उद्देश्य था कि गांव में निकलने वाले कूड़े को यहां इकट्ठा कर इनका निस्तारण किया जाएगा। कूड़ा निस्तारण केंद्र में गीले, सूखे, प्लास्टिक आदि प्रकार के कूड़ों को अलग-अलग रखने व खाद बनाने की भी व्यवस्था की गई थी। कूड़ा पृथक्करण केंद्र तक कूड़ा पहुंचाने की जिम्मेदारी सफाई कर्मियों को सौंपी गई थी। लेकिन सरकार की इस मंशा को जिम्मेदार हुक्मरानों की लापरवाही के चलते बट्टा लग रहा है। वहीं, देखरेख के आभाव व संचालन न होने से कई कूड़ा पृथक्करण केंद्र जर्जर हो गए हैं और कई ताले में कैद हैं।
दीवार टूटी, गेट का कुंडा गायब
ग्राम पंचायत लालपुरवा में बने कूड़ा पृथक्करण केंद्र की पड़ताल में यहां गेट का कुंडा गायब व दीवार टूटी मिली। वहीं, कूड़ा पृथक्करण केंद्र पूरी तरह से खाली रहा। गांव में कई जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। राहगीर रमेश, लालता प्रसाद, ननके आदि ने बताया कि कूड़ा उठाने कोई नहीं आता है और न ही निस्तारण केंद्र में कोई ले जाता है।
भगवानपुर संचालन नहीं, टिन शेड गायब
संचालन न होने से ग्राम पंचायत भगवानपुर में बना कूड़ा पृथक्करण केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहाता मिला। एक ओर जहां दरवाजे का कुंडा गायब मिला और अंदर कुत्ते घूमते दिखे तो वहीं टिन शेड उजड़ा मिला। केंद्र के अंदर बड़ी-बड़ी घास उगी मिली। राहगीर आलोक, पिंटू, सुहावन आदि ने बताया कि केंद्र बनने के बाद से ही संचालित नहीं हुआ है।
कूड़े से भरा और ताले में मिला कैद
ग्राम पंचायत हरदत्तनगर गिरंट में बने कूड़ा पृथक्करण केंद्र का एक हिस्सा पूरी तरह कूड़े से पटा मिला। वहीं, दरवाजे पर ताला लटकता मिला। साथ ही सभी प्रकार का कूड़ा एक साथ पड़ा मिला। राहगीर सोनू, परमेश, अटल आदि ने बताया कि गांव में साफ-सफाई जल्दी नहीं होती है तो कूड़ा उठाने कौन आएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बस शोपीस के लिए बनवाया गया है। बीडीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम भेजकर सभी कूड़ा पृथक्करण केंद्रों की जांच करवाई जाएगी। जर्जर केंद्रों को दुरुस्त करवाया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।