श्रावस्ती। भिनगा में नवनिर्मित 10 कोर्ट रूम का शनिवार को चीफ जस्टिस द्वारा वर्चुअल लोकार्पण किया गया। इसके बाद जहां न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों को सहूलियत मिली। वहीं वादकारियों व अधिवक्ताओं को भी राहत मिल गई। न्यायालय भवन निर्माण न होने से पूर्व इसे भिनगा तहसील सहित किराए के भवन से संचालित कराया जा रहा था।
भिनगा में निर्माणाधीन न्यायालय भवन के दस कोर्ट रूम का शनिवार को मुख्य न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय इलाहाबाद राजेश बिंदल द्वारा वर्चुअल लोकार्पण किया गया। इसके बाद जिला न्यायालय औपचारिक रूप से अपने अस्तित्व में आ गया। इससे पूर्व न्यायालय का सदर तहसील भिनगा के प्रथम व द्वितीय तल के कुछ कक्षों सहित नई बाजार में किराए के भवन से संचालन कराया जा रहा था। जहां जिला जज, एक अपर जिला जज व सिविल जज अवर खंड तथा प्रवर खंड का न्यायालय व कार्यालय संचालित हो रहा था। जबकि सीजेएम, जेएम, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय व दो एडीजे कोर्ट का संचालन भिनगा तहसील के भवन से हो रहा था। किराए के भवन में संचालित न्यायालय में अधिवक्ताओं व वादकारियों के बैठने के लिए कोई स्थान न होने के कारण उन्हें प्रत्येक मौसम में कोर्ट के बाहर सड़क पर खड़ा होना पड़ता था। नए न्यायालय भवन का संचालन प्रारंभ हो जाने के बाद वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को भारी सहूलियत मिलने लगी है।
50,689 मामले न्यायालय पर हैं विचाराधीन
जिला एवं सत्र न्यायालय में करीब 50,689 मामले निस्तारण के लिए विचाराधीन हैं। इनमें करीब 43 हजार मामले आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। जबकि शेष 7689 मामले सिविल के विचाराधीन हैं। इसके लिए नए भवन में 16 कोर्ट रूम का निर्माण हो रहा था। इनमें से 10 कोर्ट रूम का शनिवार को लोकार्पण हुआ। जबकि देखा जाए तो जिले में जिला जज, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, चार अपर जिला जज, एक सीजेएम, तीन सिविल जज प्रवर खंड, एक सिविल जज सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण, एक अवर खंड, एक न्यायिक मजिस्ट्रेट, एक सिविल जज अवर खंड त्वरित न्यायालय की तैनाती है।
86 चेंबर हुए एलॉट
न्यायालय परिसर में गेट नंबर एक के पूरब अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चेंबर का निर्माण कराया जा रहा है। जहां 144 चेंबर बनेंगे। फिलहाल अधिवक्ताओं की सहूलियत के लिए गेट नंबर एक पश्चिम की तरफ 86 अधिवक्ताओं को अस्थाई रूप से टीन शेड व छप्पर रखने के लिए स्थान दिया गया है। जहां मामलों में वादकारियों की पैरवी करने के लिए 623 अधिवक्ता बैठेंगे।
यह भी होगी सुविधा
भिनगा तहसील से न्यायालय संचालन के दौरान राजस्व बंदीगृह को लॉकप के रूप में प्रयोग किया जाता था। न्यायालय भवन निर्माण के साथ ही वहां न सिर्फ महिला व पुरुष कैदियों के लिए अलग-अलग लॉकप बनाया गया है। बल्कि न्यायालय परिसर में ही बैंक व डाकघर, कैंटीन, वाहनों को खड़ा करने के लिए टीन शेड बनाया गया है। साथ ही वादकारियों व अधिवक्ताओं की सहूलियत के लिए 10 व 14 सीट का शौचालय, दो हैंडपंप, चार नल के दो स्टैंडपोस्ट, दो वाटर कूलर सहित न्यायालय परिसर के सामने बरामदों में सौ से अधिक पंखे भी लगाए गए हैं। जहां वादकारियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है।