भिनगा में रविवार हुई बरसात के आते जाते लोग
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श्रावस्ती। सावन के दूसरे पखवारे में रविवार को हुई बरसात से किसानों की मनचाही मुराद पूरी हो गई। जुलाई के अंतिम दिन करीब 20 मिनट तक हुई इस बरसात से जहां मौसम सुहाना हो गया। वहीें रुकी पड़ी धान की रोपाई का काम भी चल पड़ा है। वहीं जिले के कुछ हिस्सों में पड़ी सावन की फुहारों ने फसलों को संजीवनी दे दी।
श्रावण मास प्रारंभ होने के साथ ही जिले में सूखे जैसे हालात बनने लगे थे। आसमान पर छाने वाले बादल बूंदाबांदी कर बिना बरसे ही लौट रहे थे। इसके बाद निकलने वाली चिलचिलाती धूप से लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा था। इतना ही नहीं सिरसिया क्षेत्र में जहां धान की रोपाई का कार्य बाधित था। वहीं जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली थी। उन्हें अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी थी। बरसात न होने के कारण खेतों में लगी मक्का, उर्द, मेंथा आदि की फसलें भी प्रभावित हो रही थीं। जिन्हें सूखने से बचाने के लिए किसान आसमान की ओर निहार रहा था।
ऐसे में सावन के दूसरे पखवारे में रविवार को मेघ मेहरबान दिखे। जुलाई के अंतिम दिन अचानक आसमान पर काले बादल छा गए। इसके साथ ही चलने वाली दक्षिणी हवा के कारण मौसम पूरी तरह से खुशगवार हो गया। जिसे देख किसानों में अपेक्षित बरसात की उम्मीद जगी। इस दौरान जहां भिनगा सहित सिरसिया क्षेत्र में करीब 20 मिनट तक झमाझम बरसात हुई। वहीं जिले के अन्य हिस्सों में सावन की रिमझिम फुहारें पड़ी। इससे जहां सिरसिया क्षेत्र में धान की रोपाई का काम शुरू हो गया। वहीं पानी के अभाव में सूख रही फसलों को भी मानो संजीवनी मिली।