श्रावस्ती/गिरंट बाजार। तराई क्षेत्र में एक सप्ताह से अधिक समय से बारिश न होने से सूखे जैसे हालात से किसान चिंतित हैं और भूमि की नमी खत्म हो रही है। इससे आम जनजीवन भी बेहाल है। किसानों के पास फसलों की सिंचाई करने का ही विकल्प बचा है। उमस भरी गर्मी से लोगों को पंखे-कूलर से भी राहत नहीं मिल रही। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सात अगस्त तक 652.8 मिलीमीटर बारिश होनी थी। इस वर्ष मात्र 389.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो औसत का 59.6 फीसदी है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह बारिश का अनुमान है। जिन खेतों में नमी खत्म हो गई है, उनकी सिंचाई अवश्य करें।
यह बोले किसान
ग्राम बलिदानपुरवा के राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि खेत की नमी तीसरे-चौथे दिन समाप्त हो जाती है, जिससे लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। ग्राम देवरनिया के मोहम्मद सलीम खान के अनुसार, अधिक सिंचाई से फसल की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्राम पिपरहवा के सुफियान खान ने भी पंप सेट से सिंचाई की बात कही। उन्होंने बताया कि धान की फसल में नमी कम होने से घास अधिक हो गई है। इससे किसानों को खरपतवार नाशक का भी छिड़काव करना पड़ रहा है।
सूखे खेत, किसान
सूखे खेत, किसान
सूखे खेत, किसान