तुलसीपुर (श्रावस्ती)। जमुनहा का ददौरा ग्राम ओडीएफ प्लस गांव की सूची में शामिल है। जहां बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण विगत तीन सप्ताह से खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक पखवाड़ा पूर्व अमर उजाला में प्रकाशित समाचार को संज्ञान में लेकर पहुंची स्वास्थ्य टीम दोबारा गांव में झांकने नहीं आई। इसके चलते गांव में एक बार फिर खसरे का प्रकोप व्याप्त है। 24 लोग अब भी इसकी चपेट में हैं। जिले की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। गांवों में तैनात सफाईकर्मी कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिससे गांवों में संक्रामक रोग कहर बरपा रहे हैं। सीमावर्ती जमुनहा के ग्राम ददौरा के मजरा शहादत नगर में विगत एक माह से खसरे का प्रकोप व्याप्त है। 17 मार्च के अंक में अमर उजाला ने शहादत नगर में खसरे का प्रकोप 40 चपेट में शीर्षक से समाचार प्रकाशित की थी।
जिसे संज्ञान में लेते हुए 18 मार्च को स्वास्थ्य विभाग टीम ने गांव में पहुंच कर कागजी कोरम पूरा किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम न तो गांव पहुंची ओर न ही गांव में सफाई अभियान चलाया गया। इसके चलते शहादत नगर निवासी नूरजहाँ (35), अख्तर रजा (3), ममता (2), लक्ष्मी (13), लल्लू प्रसाद (30), गुंजना (7), सुनीता देवी (32), रवि (1), ओमकार (28), अंशू (3), विजय (3 माह), शिताला (26), पप्पू (4), कमलेश कुमार (18), रामावती (22), गोलू (9), खुशीराम (9), बृजेश (10), साजन (8), दीपा (10), ऋतेश (7), सुबास्ना (8) सहित 24 लोग पीड़ित हैं।
गंदगी व दूषित जल को कारण बता रहे ग्रामीण
ददौरा के ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव भले ही ओडीएफ प्लस में चयनित है। लेकिन गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। गांव के मजरों में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, चोक नालियों व मार्ग पर फैला गंदा पानी संक्रामक रोग का कारण बन रहा है। यहां गंदगी के बीच लगे हैंडपंप से लोग पानी लेने से कतरा रहे हैं।
ऐसे में ग्रामीण कम गहराई वाले हैंडपंपों का दूषित जल पीकर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कई शिकायतों के बाद भी दोबारा स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं आई। न ही अभियान चलाकर गांव की सफाई कराई जा रही है। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य व पंचायत राज विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।