श्रावस्ती में रतनापुर चेकपोस्ट पर पसरा सन्नाटा।
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श्रावस्ती। बलरामपुर, बहराइच व नेपाल सीमा पर चौकसी पहले से और बढ़ गई है। सीमा पार केवल उन्हीं लोगों को आने-जाने दिया जा रहा है जो किसी विशेष कार्य के लिए आ-जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस की सख्ती के चलते मार्गों पर सन्नाटा पसरा है। इस दौरान जो लोग लॉकडाउन को तोड़ रहे हैं, उन पर पुलिस कार्रवाई भी कर रही है। इसके साथ ही तब्लीगी जमात कनेक्शन को खंगालने के लिए जिले के सभी मदरसोें और मस्जिदों में पुलिस जांच कर रही है।
कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन पर गैर प्रांतों से आने वाले लोगों की संख्या अब लगभग समाप्त सी हो गई है। कभी-कभी कोई साइकिल व छोटे संसाधनों से आता हुआ दिख जाता है। लेकिन यह संख्या न्यूनतम है। इसके चलते गैर प्रांतों से आने वालों की संख्या लगभग समाप्त होने के कारण सीमा क्षेत्र में लगाए गए बैरियर पर सख्ती और बढ़ा दी गई है।
इस पर भिनगा बहराइच हाईवे पर बनाए गए रतनापुर बैरियर व बलरामपुर बहराइच हाईवे पर बनाए गए कटरा बैरियर पर गुरुवार को सख्ती ज्यादा दिखाई दी। यहां कोई भी व्यक्ति जो अनावश्यक आने-जाने का प्रयास कर रहा था, उसे रोका गया। जबकि भारत नेपाल सीमा के सुइया चेकपोस्ट पर लोगों का आना-जाना पूर्ण से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सख्ती के कारण मार्गों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
यही नहीं बघौड़ा क्षेत्र में नोमेंस लैंड के आसपास खेतों में कटाई व मड़ाई करने वाले किसानों को भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आने-जाने की हिदायत दी जा रही है। इस दौरान सिरसिया थाना प्रभारी विनोद कुमार बताते हैं कि खेतों में काम करने के लिए किसानों को छूट मिली हुई है। लेकिन वह झुंड बना कर खेतों में न जाएं। इसके लिए जगह-जगह पर पुलिस तैनात है और यह पुलिस उन्हें हिदायत दे रही है कि लोग झ्रुंड के बजाए आगे पीछे कतार में जाएं। ऐसे ही खेत में वह दूरी बना कर काम करें। लोग इस सुझाव का पालन भी कर रहे हैं।
पुलिस ने मदरसों व मस्जिदों में की जांच
दिल्ली में तब्लीगी जमात के कारण पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट की स्थिति है। बुधवार को जमुनहा के मंतुरी में नौ जमाती मौलाना मिले थे। यह सभी तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर आए थे। इन पर पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। इसी के बाद पूरे जिले के मदरसों व मस्जिदों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पूरे दिन मस्जिद में रहने वालों का तलाशा गया। वहां के मौलाना व प्रमुख व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही यदि कोई तब्लीगी जमात से आया हुआ मौलाना आए तो उसकी सूचना स्थानीय थाने में देने को कहा गया। यदि इसके बाद भी कहीं बिना सूचना के कोई मौलाना मिलता है तो संबंधित व्यक्ति के साथ मदरसा व मस्जिद के प्रमुख व्यक्तियों पर कार्रवाई किए जाने की हिदायत दी गई।