श्रावस्ती। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक सभा के बैनर तले शिक्षकों ने बुधवार को डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों ने शिक्षा शिक्षक बचाओ आग्रह आंदोलन के तहत एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान शिक्षकों ने मंडल अध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री/ शिक्षामंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
धरने के दौरान मंडल अध्यक्ष दिनेश मिश्र ने कहा कि विगत मार्च से कोरोना वायरस के कारण विद्यालय बंद हैं। ऐसी स्थिति में स्ववित्तपोषित विद्यालयों में शुल्क ना आ पाने के कारण शिक्षकों को मानदेय नहीं दिया जा सका है। हमारा संगठन सरकार से मांग करता है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक प्रदेश के इन सभी स्ववित्तपोषित विद्यालय के शिक्षकों को 15000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। प्रदेश संगठन मंत्री सत्यव्रत सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में 87 प्रतिशत की भागीदारी निभाने वाले शिक्षक आज भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
वर्तमान सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। जिला अध्यक्ष दिनेश प्रकाश मिश्र ने संगठन के पदाधिकारियों व शिक्षकों से आवाहन किया कि आगामी शिक्षक विधायक चुनाव में एकजुट होकर अपने प्रतिनिधि को सदन में भेजें। जब हमारे प्रतिनिधि सदन में होंगे तब सरकार को हमारी आवाज सुनाई देगी। जिला महामंत्री चंद्र प्रकाश शुक्ला ने कहा कि सरकार संवेदनहीन हो गई है। सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग का कोरोना महामारी में ध्यान रखा, लेकिन शिक्षक वर्ग एक ऐसा वर्ग है जो ना तो किसी के सामने हाथ फैला सकता है, और ना ही इनकी तरफ सरकार कोई ध्यान ही दे रही है।
ऐसी स्थिति में इन स्ववित्तपोषित विद्यालय के शिक्षकों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। इस मौके पर प्रहलाद कुमार पटेल, वीरेंद्र वर्मा, नागेंद्र प्रसाद पांडेय व जेपी तिवारी, कमलेश शुक्ला, दयाराम मौर्य, इंद्रजीत सिंह, ऋषि राम शुक्ला, उमाशंकर तिवारी, माखन लाल यादव, राम भगत पांडे, सर्वेश कुमार राणा सहित काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।