चटनी-रोटी पर भी लगा ग्रहण, 250 में छोटा तो 400 रुपये प्रति किलो बिक रहा बड़ा लहसुन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। भोजन का जायका बढ़ाने के साथ ही गरीबों की चटनी में प्रयुक्त होने वाला लहसुन अब आम लोगों की पहुंच से दूर जा चुका है। अचानक लहसुन के दाम में हुए बढ़ोतरी के बाद गरीब तो दूर मध्यम वर्गीय परिवार भी इसे खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। जिससे सिर्फ भोजन का जायका ही नहीं रोटी-चटनी का स्वाद भी बिगड़ रहा है।
महंगाई से जूझ रहे गरीबों को भले ही सरकार की ओर से मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन इसे खाने के लिए गरीबों को दाल व सब्जी की जरूरत पड़ रही है। दाल के दाम पहले ही चढ़े हुए हैं। ऐसे में गरीबों को रोटी के लिए नमक व लहसुन की चटनी का ही सहारा है। वहीं अब लहसुन के दाम भी आसमान छूने लगे हैं।
एक तरफ जहां छोटे व सूख रहे लहसुन 250 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं बड़ा व कोल्ड स्टोर से आने वाला लहसुन 400 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। यदि कोई गरीब हिम्मत कर दो चार लहसुन लेना भी चाहे तो उसे दस रुपये प्रति लहसुन दिया जा रहा है। ऐसे में गरीब तो दूर मध्यम वर्गीय परिवार भी इसे खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इसके चलते जहां दाल में तड़का नहीं लग पा रहा है।
वहीं गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार टमाटर व नमक लहसुन की चटनी के स्वाद से भी वंचित हो रहे हैं। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी अनिल प्रकाश मिश्र का कहना है कि किसानों के खेतों में लगे लहसुन अब लगभग तैयार हो रहे हैं। मार्च तक उनकी खुदाई प्रारंभ हो जाएगी। इसके बाद लहसुन का दाम एक बार पुन: नीचे आ जाएगा।