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Shravasti News: महंगी हुई खाने की थाली बिगड़ा किचन का बजट

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भिनगा के नई बाजार में लगी खाद्य सामग्री की दुकान - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। दाल, रोटी, चावल सब लगातार महंगा होता जा रहा है। छह माह के अंदर महंगाई सत्रह फीसदी तक बढ़ गई।
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महंगाई की मार वैसे तो सभी पर है, लेकिन सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग की थाली पर पड़ रहा है। यदि छह माह के आंकड़ों को देखे तो आम लोगों की थाली में परोसा जाने वाला दाल, चावल, रोटी तीनों महंगा हो गया है। वह भी दस से सत्रह फीसदी तक। यदि आटे को देखे तो छह माह पहले 36 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आटा आज 42 रुपये प्रति किलो हो गया। यह तो ब्रांडेड आटे का भाव है।
वहीं लोकल आटे में में भी 300 से 400 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि हुई है। जिसको आम लोग चाहे वह मजदूरी पेशा हो या फिर सामान्य वर्ग खरीद कर खाता है। दलहनी अनाज में केवल इन छह माह में मसूर के दाल में 800 रुपये प्रति कुंतल की कमी आई है। पहले यह 8800 रुपये था तो अब 8000 रुपये में हो गया। इसके अतिरिक्त अरहर, उड़द, चना देशी, राजमा व काबुली चने के भाव में वृद्धि हुई है। इसमें राजमा व छोला चना में बीस फीसदी व बाकी दालों में दस से सत्रह प्रतिशत भाव बढ़ा है।
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महंगाई की मार
सामग्री छह माह पूर्व मौजूदा
राजमा 100 120
काबुली चना 100 125
चावल मंसूरी 36 41
अरहर दाल 100 110
उर्द 90 100
चना काला 56 60
आटा 38 42
सब कुछ हो गया है महंगा
इन छह माह में आय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। अनाज के दाम में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। यह कहना है सुनीता मौर्या का। वहीं, गृहणी कोमल शुक्ला का कहना है कि पहले पैकिंग में जो सामान आता था उसकी मात्रा अब कम हो गई है और रेट बढ़ गया है। ऐसे में घर का चूल्हा संभालना मुश्किल हो गया है। निश्चल पाठक का कहना है कि दाल, चावल, आटा रिफाइंड, साबुन, कुछ महंगा हो गया है। अब घर चलाना भी मुश्किल है।
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