श्रावस्ती। कोविड-19 महामारी से अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए संचालित उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना गुरुवार से प्रारंभ हुई। इसका शुभारंभ राज्यपाल अनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन लखनऊ में वर्चुअल माध्यम से किया। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में हुआ। इसके बाद चिह्नित पांच बच्चों को डीएम ने प्रमाणपत्र प्रदान किया।
डीएम टीके शिबु ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई हो, उनके भरण-पोषण, शिक्षा व चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग किया जा रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है।
इसके तहत शून्य से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चों को इस योजना में शामिल किया गया है जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया हो।
उन्होंने आगे बताया कि इसके साथ ही कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए देखरेख करने वाली सरकारी संस्थाओं में आवास, चल-अचल संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा, बेटियों के विवाह के लिए 1,01,000 रुपये की सहायता, कस्तूरबा गांधी बालिका या अटल आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा के छात्रों के लिए लैपटॉप व टेबलेट आदि की व्यवस्था की गई है।
सीडीओ ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अब तक पांच पात्र बच्चे चिह्नित किए गए हैं जिन्हें प्रमाण-पत्र दिया गया है। इसके साथ ही कोरोना महामारी से निराश्रित हुए ऐसे सभी बच्चों को चिह्नित कर उन्हें इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
इस मौके पर संयुक्त मजिस्ट्रेट व प्रशिक्षु आईएएस परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे व जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।