श्रावस्ती। वर्षा ऋतु में भारतीय मेजर कार्प मछलियां कतला, रोहू व नैन तथा विदेशी कार्प ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प व कॉमन कार्प प्रजनन करती हैं। इस कारण नदियों से मत्स्य बीज की निकासी, मछलियों के शिकार व बिक्री पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इसका उल्लंघन करने के आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। यह जानकारी जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि इन मछलियों के संवर्धन के लिए यूपी फिशरीज एक्ट 1948 के प्रावधानों के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक मत्स्य जीरा, फ्राई एवं फिंगरलिंग व 10 इंच आकार तक की मछलियां पकड़ने तथा प्रजनन अवधि तक तालाबों, झीलों, नालों तथा नदियों में मछली पकड़ना, बेचना, आयात, निर्यात प्रतिबंधित रहता है। इसके चलते ही उक्त अवधि में छोटे जालों से मछली तथा मछली के बच्चों की निकासी पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसकी रोकथाम व निगरानी के लिए एक टीम का गठन भी किया गया है।