श्रावस्ती। तराई में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पराली दो खाद लो अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने किसानों को जागरूक किया। साथ ही पराली जलाने पर लगाए जाने वाले जुर्माने की भी जानकारी दी।
डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि खेत में पराली जलाने से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण हो रहा है। साथ ही मिट्टी में मौजूद मित्र कीटों की मौत भी हो रही है, भूमि की उर्वरा शक्ति भी कमजोर हो रही है। ऐसे में किसान खेत में पराली जलाने के बजाय कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही पराली दो खाद लो योजना का लाभ लें।
उन्होंने बताया कि किसान अपने नजदीकी गोशाला में खेत से निकली पराली लेकर जाएं और वहां से खाद प्राप्त करें। ऐसा करने से वो पराली जलाने पर लगने वाले जुर्माने की सजा से भी बच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दो एकड़ से कम भूमि पर पराली जलाने पर प्रति घटना 5000, दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ से कम भूमि पर पराली जलाने पर 10000 रुपये प्रति घटना और पांच एकड़ से अधिक जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपये प्रति घटना जुर्माने का प्रावधान है।
सोमवार को खेत में पराली जलाने पर 12 किसानों पर जुर्माना लगाया गया। ऐसे में किसान पराली दो खाद लोग अभियान का लाभ उठाएं और जुर्माने व वायु प्रदूषण करने से बचें।