श्रावस्ती। गांवों में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्रों का संचालन व साफ-सफाई न करने पर डीपीआरओ ने आठ सफाई कर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करवा दी है, इसके लिए एडीओ पंचायत नामित किए गए हैं। निलंबन की कार्रवाई के बाद से सफाई कर्मियों में खौफ की स्थिति है।
गांवों से निकलने वाले गीले व सूखे कचरे के निस्तारण के लिए सरकार की ओर लाखों खर्च कर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए गए हैं। ग्रामीणों के घरों से कूड़ा उठाकर उसे कूड़ा निस्तारण केंद्रों तक ले जाने की जिम्मेदारी सफाई कर्मचारियों को सौंपी गई है, लेकिन कई गांवों के लोग कूड़ा न उठाने व निस्तारण केंद्रों का संचालन ठप होने की शिकायत कर रहे थे।
ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेकर पड़ताल की शुरुआत की गई। अमर उजाला के 22 नवंबर के अंक में गांवाें में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, बह रही अस्वच्छता की बयार शीर्षक से, 25 नवंबर के अंक में कूड़ा निस्तारण केंद्रों के गेट नदारद शीर्षक से व 27 नवंबर के अंक में गांवों में कूड़े का अंबार, निस्तारण केंद्र कहीं बंद तो कहीं खस्ताहाल शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया गया।
इन खबरों का गंभीरता से संज्ञान लेकर डीपीआरओ नंदलाल ने बृहस्पतिवार को लापरवाही बरत रहे आठ सफाई कर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करवा दी।
इनके खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई
डीपीआरओ नंदलाल ने बताया कि जमुनहा विकासखंड के तिवारी गांव में तैनात सफाई कर्मी इमामुद्दीन, नासिरगंज के सफाई कर्मी बलराज, चिरैया की मुनेश्वरा देवी, बैजनाथपुर के नाटू, भगवानपुर के पेशकार, रतनापुर की पिंकी, मनवरिया भोजा के सुरेश कुमार व हरदत्तनगर गिरंट के सफाई कर्मचारी विश्राम को निलंबित कर दिया गया है।