श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ी इलाकों के साथ साथ जिले में हो रही जोरदार बारिश से राप्ती नदी फिर उफान मारने लगी है। इसके चलते ही गुरुवार को दोपहर बाद तक राप्ती का पानी बैराज पर खतरे के निशान को चूमने लगा। राप्ती नदी के बढ़ रहे जलस्तर के कारण कछार के गांवों में बाढ़ व कटान का खतरा फिर बढ़ गया है। कटान के चलते कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों सहित नदी किनारे के खेत कट कर फसल सहित नदी में समाने लगे हैं।
गुरुवार दोपहर एक बजे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 127 मीटर को छूने लगा। इसके चलते भंगहा मल्हीपुर मार्ग स्थित मधवापुर घाट पुल के बंदरवा बाबा कुट्टी के पास नदी ने खेतों में कटान शुरू कर दी है। यहां कई बीघा खेत फसल सहित कट कर राप्ती नदी की भेंट चढ़ रहे हैं। वहीं जमुनहा तहसील क्षेत्र के लौकिहा व सर्रा जाने वाले मार्ग पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है। यहां मार्ग का आधा हिस्सा पहले ही कट चुका था।
इसके बावजूद इसे कटान से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण राप्ती के कछार में बसे अशरफ नगर, चहलवा, सधईपुरवा, उत्तमापुर, सुल्तानाजोत, नरैनापुरख्, जिगरिया, ओरीपुरवा, बरंगा, भग्गनपुरवा, महराज नगर, वीरपुर, हरिहरपुर, पिपरहवा, बरुहा, मिसिरपुरवा व गुरुदत्तपुरवा सहित कई अन्य गांव में खेत जलमग्न होने लगे हैं। जिलाधिकारी टीके शिबु ने बताया कि सभी तहसील व बाढ़ चौकियों को हर स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया है। आमजन को परेशानी न हो इसके लिए संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को राहत व बचाव कार्य के मुस्तैद रहने को कहा गया है।