श्रावस्ती। राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। घटते जलस्तर के साथ ही नदी की धारा अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इसकी जानकारी के बाद गुरुवार को डीएम ने मधवापुर घाट पहुंच कर राप्ती नदी व कटान की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाकर सड़क को कटने से बचाने का निर्देश दिया।
नेपाल सहित पहाड़ों पर हुई बरसात के बाद राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच कर स्थिर हो गया था। जो अब धीरे-धीरे घट रहा है। जमुनहा के लक्ष्मनपुर कोठी स्थित राप्ती बैराज पर खतरे का निशान 127.70 मीटर है। जहां गुरुवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 127.60 मीटर मापा गया। जो दोपहर 12 बजे 127.55 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर कम है। घटते जलस्तर के साथ ही राप्ती नदी की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही हैं। इसके चलते नदी के किनारे स्थित खेत फसल सहित कट कर नदी की धारा में विलीन हो रहे हैं।
वहीं भिनगा-मधवापुर घाट मार्ग के पास नदी मुख्य मार्ग को काटने के लिए आगे बढ़ रही है। इसकी सूचना के बाद शुक्रवार को मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी टीके शिबु ने नदी की स्थिति व कटान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी जमुनहा प्रवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड विनोद कुमार व अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित को युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी रखने व हर हाल में मल्हीपुर भंगहा मार्ग को कटने से बचाने का निर्देश दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। सभी नोडल अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर तहसीलदार जमुनहा नारायन सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।