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स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का कराएं प्रसार

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श्रावस्ती। राज्य नोडल अधिकारियों ने जिले में महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की रविवार को गहन समीक्षा की। इससे पहले टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र, चिकित्सालय, थाना, ग्राम पंचायत का निरीक्षण भी किया। इस दौरान फील्ड वर्करों से बातचीत करके समस्या भी जानी। वहीं टीम ने कई सुझाव भी डीएम के सामने रखे। कहा कि महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का प्रचार प्रसार कराएं।
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नीति आयोग में जिले का चयन होने के बाद लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य व महिला कल्याण कार्यक्रमों को सुधारने की कवायद हो रही है। इसी के तहत राज्य सरकार ने एक नोडल टीम को जिले में भेजा है। इसमें आईपीएस गीता सिंह, पीसीएस डॉ. अल्का वर्मा व एएसपी प्रज्ञा मिश्रा शामिल है। इस टीम की ओर से शनिवार से ही जिले में स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। इसकी समीक्षा बैठक रविवार को डीएम कैंप कार्यालय में हुई। इसकी अध्यक्षता डीएम यशु रुस्तगी ने की।
इस दौरान टीम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का आशाओं के माध्यम से ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। संस्थागत प्रसव पर विशेष बल दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए संचालित योजनाओं के पंजीकरण के लिए चिकित्सालयों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काउंटर स्थापित कराया जाए।
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बाल विकास विभाग की ओर से संचालित योजनाओं से सभी महिलाओं एवं बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लक्ष्य आवंटित किया जाए। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के अंतर्गत विशेष अधिनियम की धाराओं में जघन्य अपराध से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति एवं निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
नोडल अधिकारी ने कहा कि 181 महिला हेल्प लाइन के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महिला रिपोर्ट चौकी, कानूनी सहमति, चिकित्सीय सहायता सेल, प्रशिक्षण सेल तथा कौशल विकास प्रशिक्षण सेल की सुविधा को और मजबूत करने की जरूरत है। इसके साथ ही दहेज से पीड़ित महिलाओं जिनका किसी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए ग्राम स्तरीय अधिकारियों को सहायक के रूप में तैनात किया जाए।
स्कूलों में पढ़ रही छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में ज्यादा समन्वय की आवश्यकता है। इसके साथ ही महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए एनआरएलएम को जमीनी रूप में उतारना होगा। पंचायत को सशक्त बनाने के लिए महिला ग्राम प्रधानों को और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों पर सेनेटरी वेंडिंग मशीनें स्थापित करनी चाहिए। इस मौके पर एसपी आशीष श्रीवास्तव, एडीएम योगानंद पांडेय, एएसपी बीसी दूबे, एसडीएम आरपी चौधरी, डीआईओएस चंद्रपाल, बीएसए ओमकार राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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