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Shravasti News: श्रावस्ती से अयोध्या धाम के लिए सीधी बस सेवा नहीं

Sun, 11 Feb 2024 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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भिनगा में स्थापित हो सका डिपो न कटरा में बना पीपीपी माॅडल बसअड्डा
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। राम जन्मभूमि अयोध्या को देश व प्रदेश के जिलों से भले ही सीधा जोड़ा जा रहा है। लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पुत्र लव की राजधानी अब तक अयोध्या तक सीधी बस सेवा से नहीं जुड़ सकी है। भिनगा में परिवहन निगम डिपो व कटरा में पीपीपी माडल बसअड्डा निर्माण न होने व इकौना तथा गिलौला में बसअड्डा संचालन न होने से जिलेवासियों को गैर जिलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अयोध्या में बालक राम की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही जिले से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग रामलला के दर्शन करने अयोध्या जा रहे हैं। जिन्हें आज भी बहराइच व बलरामपुर जिले का सहारा लेना पड़ रहा है। एक तरफ जहां बहराइच के रुपईडीहा से नेपाल के लोगों को श्रीराम जन्मभूमि का दर्शन कराने के लिए कई बसों का संचालन प्रारंभ कराया गया है। वहीं मुख्यालय भिनगा सहित नेपाल सीमा से सटे सिरसिया, जमुनहा, ताल बघौड़ा, लक्ष्मनपुर व बलरामपुर की सीमा से सटे मथुरा बाजार से निगम की बसों का संचालन अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को आवागमन के लिए प्राइवेट व डग्गामार वाहनों से भिनगा अथवा बहराइच व बलरामपुर जाना पड़ता है। जहां से उन्हें आगे के लिए बसें मिलती हैं।
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बाक्स में-
यह भी है दुश्वारी
भिनगा में भूमि उपलब्ध होने के बावजूद परिवहन निगम की ओर से डिपो न स्थापित कर बसअड्डे का निर्माण करा दिया गया है। जहां मात्र नौ बसों का ही फेरा है। जिनके आने-जाने की समय सीमा तय न होने व अयोध्या तथा इलाहाबाद के लिए मात्र एक ही बस का संचालन होने के कारण लोगों को मुश्किल हो रही है। वहीं गिलौला व इकौना में बना बस अड्डा भी बदहाल है। जहां बसें न आने व ज्यादातर बसों के न रुकने के कारण लोगों को दिक्कत हो रही है।

प्रमुख पर्यटन स्थल, फिर नहीं बस अड्डा
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती भले ही विश्व मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ रही हो। लेकिन यहां न तो बसअड्डा स्थापित हो सका है और न ही टैक्सी स्टैंड ही। ऐसे में पर्यटकों को वाहन बुक कराकर या पर्यटन वाहनों से ही आना पड़ता है। जिससे संसाधन के अभाव में तपोस्थली निखर नहीं पा रही है। यहां बनने वाले पीपीपी माडल बसअड्डे का निर्माण भी अधर में लटक गया। जिसके कारण लव-कुश की जन्मस्थली सीताद्वार भी पर्यटन मानचित्र पर उभर नहीं पा रही है।
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जिला उद्योग व व्यापार बंधु समिति की बैठक में व्यापारियों की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था। इस पर डीएम ने एआरएम बहराइच को अभिलेखों के साथ अगली बैठक में बुलाया है। इसके बाद ही बसों के संचालन के संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
-अमरेंद्र कुमार वर्मा, एडीएम
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