बीएसएनएल कार्यालय में आधार संशोधन कराने आए लोग। -संवाद
श्रावस्ती। जहां विभिन्न योजनाओं में आधार अनिवार्य है, वहीं इसके संशोधन के लिए संचालित सेंटरों की संख्या सीमित है। वहीं इन सेंटरों पर तैनात कर्मियों की लापरवाही से आधार संशोधन कराने के लिए लोगों को दो से तीन दिन आधार केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जिससे लोग शासन-प्रशासन को कोसते नजर आ रहे हैं।
विद्यालयों में प्रवेश, राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की नाम बढ़ोत्तरी, बैंक में खाता खुलवाने व विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को आधार कार्ड अनिवार्य रूप से देना होता है। किंतु आधार संशोधन कराना टेढ़ी खीर है। कारण है कि आधार केंद्रों पर एक दिन में 20 से 25 कार्ड ही संशोधित हो पाते हैं। वहीं, आधार केंद्रों की संख्या भी कम है। जिससे लोगों को आधार संशोधन कराने में दो से तीन बार चक्कर लगाना पड़ता है।
ग्राम इमलिया नरायन निवासी बाबादीन ने कहा कि वह दो बार आधार केंद्र आ चुके हैं, लेकिन उनका नंबर नहीं आ पाया है। इसलिए पौत्र का आधार नहीं बन पा रहा है।
भिनगा क्षेत्र के ग्राम बेलास निवासी सावित्री देवी ने कहा कि अपने बेटे का नाम राशनकार्ड में बढ़वाने के लिए आधार संशोधन कराने आई हैं। दोपहर हो चुकी है फिर भी उसका नंबर नहीं आया है।
ग्राम लक्ष्मनपुर पड़री निवासी ननकू ने बताया कि अपना आधार संशोधन कराने के लिए उसे करीब 15 किलोमीटर आना पड़ता है। आसपास आधार संशोधन केंद्र न होने से परेशानी होती है।
ग्राम बैरियाकुंडी निवासी गुड़िया ने कहा कि उसके बेटे का नाम आधार में गलत हो गया है। स्कूल से संशोधित आधार मांगा जा रहा है। इसलिए आधार संशोधन कराने आई है।