श्रावस्ती। जिले में एक तरफ यूरिया के लिए किसान पूरे दिन लाइन लगाने के बाद खाली हाथ वापस लौट रहे थे। वहीं साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों की ओर से हेराफेरी कर किसी को 91 तो किसी को 250 बोरी तक यूरिया दे दी गई। जांच में इसका खुलासा होने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने दस सचिवों के विरुद्ध स्थानीय थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
खरीफ के मौसम में जिले में यूरिया के लिए मारामारी मची हुई थी। समितियों पर यूरिया आने की सूचना के बाद वहां पहुंचने वाले किसानों को पूरे दिन इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा था। इतना ही नहीं अकबरपुर साधन सहकारी समिति में खाद के लिए आए किसानों पर पुलिस ने लाठियां भी भांजी। किसानों की ओर से साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों पर यूरिया की कालाबाजारी का आरोप लगाया गया। इसकी जांच जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने की।
जांच में खुलासा हुआ कि समितियों पर तैनात सचिवों की ओर से हेराफेरी कर किसी को 91 बोरी तो किसी को 250 बोरी यूरिया दे दी गई। वहीं जरूरतमंद किसानों को वापस लौटा दिया गया। इसका खुलासा होने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने भिनगा कोतवाली में एक, सिरसिया में दो, मल्हीपुर में एक, गिलौला में तीन व सोनवा में एक व इकौना में दो सचिवों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है। वहीं स्थानीय पुलिस मामला दर्ज कर उसकी जांच कर रही है।
यहां इन पर दर्ज हुआ मामला
नाम सचिव साधन सहकारी समिति थाना
हनुमान प्रसाद शुक्ला लक्ष्मनपुर भिनगा
राम निवास यादव परसोहना सिरसिया
पवन कुमार मिश्रा दुर्गापुर तराई सिरसिया
दयाशंकर सिंह सोनवा सोनवा
यज्ञराम पाठक वीरपुर इकौना
अखंड प्रताप सिंह इकौना बाजार इकौना
हरीराम हरदत्त नगर गिरंट मल्हीपुर
अशोक श्रीवास्तव गिलौला गिलौला
शिव प्रताप सिंह परेवपुर गिलौला
जगदीश पांडे लेंगड़ीगूलर गिलौला
जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि जिले की समितियों पर खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। जिसकी जांच कराई गई। इसमें दस समितियों पर तैनात सचिवों की ओर से खाद की कालाबाजारी की गई। जिसकी पुष्टि के बाद उनके विरुद्ध स्थानीय थाने में केस दर्ज कराया गया है।