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हम इह पावन धरती का बारंबार प्रणाम करित है...

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बलरामपुर के हंसुआडोल में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के लोकार्पण के दौरान मौजूद प्रधानमंत्री , ? - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का लोकार्पण करने आए प्रधानमंत्री अवध को अवधी में साधते नजर आए। मंच लोकार्पण का था लेकिन, संदेश चुनावी दे गये। पीएम की यह उपस्थिति राजनीतिक क्षेत्र में मंडल के सभी चार जिलों को प्रभावित कर गई।
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हम इह पावन धरती का बारंबार प्रणाम करित है। आज हमैं आदि शक्ति मां पाटेश्वरी की पावन धरती और छोटी काशी के नाम से विख्यात बलरामपुर की धरती पर फिर आवै का मौका मिला। आपसे हमें खूब आर्शीवाद मिला है। इसी उद्बोधन से प्रधानमंत्री ने अपना भाषण शुरू किया था। जैसे ही प्रधानमंत्री ने अवधी की यह दो लाइनें कहीं। कार्यकर्ताओं के अंदर ऊर्जा का नया संचार हो गया। जैसे उन्हें लगा हो कि उन्हीं के बीच का कोई व्यक्ति मंच पर खड़ा होकर उन्हीं की भाषा में उनसे कुछ बतियाने का प्रयास कर रहा हो। यह मंच भले ही सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के लोकार्पण का रहा हो, लेकिन प्रधानमंत्री अपने भाषण में पूरे मंडल की राजनीति को एक नई ऊर्जा दे रहे थे।
इसी के साथ वह विपक्षियों पर बिना किसी का नाम लिए ही निशाना साध रहे थे। उन्होंने हल्के मन से कहा कि आज जब सुबह मैं दिल्ली से बलरामपुर के लिए निकलने वाला था तो सोच रहा था कि अभी कोई आएगा और कहेगा मोदी जी आप जिस परियोजना का लोकार्पण करने जा रहे है। उसका लोकार्पण मैने पहले ही कर दिया है। हो सकता है कि उन्होंने बचपन में ही इस योजना का लोकार्पण कर दिया हो। कुछ लोग केवल लोकार्पण करना ही अपना काम मानते हैं। लेकिन हम आम लोगों के लिए दिन रात सोचते व काम करते हैं। यह परियोजना लगभग पचास साल पुरानी है। चालीस वर्षों में परियोजना पर कुछ भी काम नहीं हुआ। सौ करोड़ की परियोजना आज दस हजार करोड़ में पूरी हुई। तो आखिर पैसा किसका गया। पैसा तो जनता का था। तो फिर आप ही लोग बताइए कि ऐसे लोग जिन्होंने आपके पैसे को लूटने का काम किया है उनको सजा देंगे या नहीं।
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यही नहीं उन्होंने इसी मंच से थारू जनजाति व महिलाओं को भी साधने का प्रयास किया। उन्होंने कहाकि मैं इससे पहले भी कई बार इस क्षेत्र में आ चुका हूं। यहां की थारू जनजाति का हमें बहुत आशीर्वाद मिला है। उनके लिए भी कई योजनाएं हैं जिसका उन्हें लाभ मिल रहा होगा। जबकि महिलाओं को अपनी ओर खींचने के लिए उन्होंने कहा कि अभी तक महिलाओं की अपने ही घर में स्थिति दोयम दर्जे की थी। सारी प्रॉपर्टी पुरुषों के नाम लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना महिलाओं के नाम की गई। ताकि वह भी कम से कम एक प्रापर्टी की मालिक हों।
श्रावस्ती। परियोजना लोकार्पण के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी योजना का परिचय देते हुए प्रधानमंत्री की ओर इंगित करते हुए कहा था कि इस सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का मुख्य केंद्र श्रावस्ती स्थित राप्ती बैराज है। इसी राप्ती बैराज पर घाघरा नदी आकर लिंक चैनल के माध्यम से मिलती है। यहां से ही राप्ती मुख्य नहर निकली है। यह स्थान नेपाल सीमा से सात किलोमीटर की दूरी है। एक तरफ नहर दूसरी तरह नदी व तीसरे एंगल पर जंगल है। यह स्थान देखने में इतना रमणीक है। जिसे भविष्य में पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी। लोगो को रोजगार मिलेगा। यही नहीं इसकी पटरी से आवागमन का रास्ता सुलभ होगा। बहराइच से लेकर कासमंगज तक सीधा मार्ग बनेगा। जिससे लोगों की समस्याएं कम होंगी। व्यापार तेजी से बढ़ेगा।
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