श्रावस्ती। नेपाल से अब भारत में मादक पदार्थों के साथ ही आसमान छूती पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी भी होने लगी है। धंधेबाज इसके लिए राप्ती नदी व जंगली रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थ भारत से करीब बीस से तीस रुपये सस्ता है।
नेपाल से भारत में अभी तक मादक पदार्थों के साथ ही मसाला, कपड़ा, इलेक्ट्रिक उपकरण व मटर की तस्करी हमेशा से मुनाफे का सौदा रही है। इसके साथ ही अब पहली बार नेपाल से पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी भी होने लगी है। यह पेट्रोलियम पदार्थ भारत ही नेपाल को आपूर्ति करता है, लेकिन भारत में डीजल पेट्रोल की कीमत में हो रही बेतहाशा वृद्धि के चलते नया कारोबार सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से फलने फूलने लगा है। जिले में इस समय पेट्रोल 104 रुपये जबकि डीजल की कीमत सौ रुपये के करीब पहुंच गयी है। लेकिन पड़ोसी देश नेपाल में इसकी कीमत अभी भी कम है।
ऐसे में भारत नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण तस्कर इसका फायदा उठा जेब भरने में जुटे हैं। धंधेबाज नेपाली क्षेत्र से डीजल-पेट्रोल लेकर राप्ती नदी व जंगल के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर इसकी सप्लाई कर रहे हैं। यह धंधा स्थानीय पुलिस एवं भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों की नाक के नीचे हो रहा है।
राप्ती नदी भारत नेपाल को जोड़ती है। तस्कर बड़े बड़े गैलेन (ड्रम) में डीजल व पेट्रोल भरकर उसे रस्सियों के सहारे राप्ती में चलने वाली नौकाओं में बांध देते हैं। यह गैलेन धीरे धीरे नाव के सहारे सफर पूरा करके भारतीय क्षेत्र में पहुंच जाता है। यात्रियों के उतर जाने के बाद इन्हें निकाल कर भारतीय बाजार में पहुंचा दिया जाता है। वहीं सीमावर्ती इलाकों में बहुत सारे लोग साइकिल व मोटर साइकिल से पैदल वाले रास्तों पर नेपाल जाकर वहां से डीजल व पेट्रोल भरवाकर आसानी से वापस लौट कर इसे बाजार दर पर बेच दिया जाता है।
नेपाल में पेट्रोल भारत से ही जाता है। लेकिन भारत के मुकाबले नेपाल में करीब बीस फीसदी पेट्रोल सस्ता है। नेपाल में इस समय एक लीटर पेट्रोल भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 82 रुपये और डीजल 66 रुपये प्रति लीटर है। जबकि नेपाली मुद्रा में इसकी कीमत 131.15 रुपये और 107 रुपये पड़ती है।
भारत नेपाल के बीच कुल 1750 किलोमीटर लंबी सीमा है। जिसमें से श्रावस्ती में करीब 96 किलोमीटर की खुली सीमा है। भारत नेपाल सीमा पर जिले में बारह बार्डर पोस्ट हैं। जहां एसएसबी की तैनाती है। 96 किलोमीटर की खुली सीमा में जमुनहा व सिरसिया में 35 से अधिक गैर परंपरागत रास्ते हैं। जहां से व्यक्ति आसानी से नेपाल तक की आवाजाही कर सकता है। इसके साथ ही राप्ती नदी भी तस्करों के लिए मुफीद रास्ता है।
पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर रही है। पुलिस व एसएसबी अपनी तरफ से इसकी रोकथाम को हर संभव कोशिश कर रही है। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में मुखबिरों का जाल भी बिछाया गया है।
बीसी दुबे, एएसपी