श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। जबकि बृहस्पतिवार को राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 127.85 मीटर मापा गया था। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के कारण कछार वासियों की परेशानियां कम नहीं हो रहीं हैं। जलस्तर बढ़ने से कटान का खतरा भले ही टल गया हो लेकिन कई गांव एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। शुक्रवार दोपहर एक बजे से जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 128.10 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती नदी के खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण राप्ती नदी के कछार में बसे लौकिहा, अशरफ नगर, सधई पुरवा, चहलवा, सुल्तानाजोत, सर्रा, उत्तमापुर, जिगरिया, नरैनापुर, भग्गनपुरवा, ओरीपुरवा, बरंगा, वीरपुर, हरिहरपुर, महाराजनगर, मिसिरपुरवा, पिपरहवा, गुरदत्तपुरवा, बरुहा सहित कई अन्य गांव एक बार फिर जलमग्न हो चुके हैं। यहां आने जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
वहीं बढ़े जलस्तर के साथ राप्ती नदी की लहरों ने कछार में बसे गांवों में कटान कम कर दी है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। जिलाधिकारी टीके शिबु ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर अधिक है। नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही। सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं संभावित बाढ़ वाले क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को लंच पैकेट आदि का वितरण कराया जा रहा है। इतना ही नहीं ग्रामीणों से सीधा संवाद बनाए रखने के लिए संबंधित एसडीएम, तहसीलदार सहित बाढ़ चौकी प्रभारियों को निर्देश भी दिया गया है।
राप्ती बैराज पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर कुछ इस तरह बढ़ा। सुबह 6 बजे 127.95 मीटर, 7 बजे 127.95 मीटर, 8 बजे 127.95 मीटर, 9 बजे 127.95 मीटर, 10 बजे 128.00 मीटर, 11 बजे 128.05 मीटर, 12बजे 128.10 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर स्थित बना हुआ है।