गिलौला (श्रावस्ती)। माजरे गांव स्थित 250 बीघा भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर कई बार कब्जे के प्रयास को लेकर खूनी संघर्ष हो चुका है। वहीं बुधवार को भी विवादित भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
गिलौला थाना क्षेत्र के ग्राम माजरे में 250 बीघा भूमि को लेकर गांव के ही पचास लोगों के मध्य वर्ष 1990 से विवाद चल रहा है। इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस भूमि पर कब्जे को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। बुधवार को बैनामे के आधार पर गांव निवासी यज्ञराम व संतराम सहित अन्य सभी बैनामेदार विवादित भूमि को जोतने पहुंच गए।
इस पर दूसरे पक्ष ने सूचना पुलिस को दे दी। इस पर मौके पर गिलौला, इकौना व सोनवा पुलिस सहित सीओ इकौना महेंद्र पाल शर्मा तथा एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा पीएसी बल के साथ पहुंच गए। जिन्हें देख खेत जोत रहे लोग ट्रैक्टर छोड़ कर मौके से भाग निकले। पुलिस ने खेत जोतने आए दो ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है। इस बारे में थाना प्रभारी बृजेश कुमार दूबे ने बताया कि दोषियों पर कार्रवाई के साथ ही विवादित भूमि पर 145 सीआरपीसी की कार्रवाई कर उसे कुर्क किया जाएगा।
पहले भी भूमि पर कब्जे को लेकर हो चुका खूनी संघर्ष
माजरे गांव निवासी झगरु, तुलसीराम, रामरुप चौहान, यज्ञराम, रामनाथ पाठक, संतराम आदि करीब 50 लोगों के बीच वर्ष 1990 से जमीन को लेकर मामला चल रहा है। विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर विगत मई व जून में दोनो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। इस दौरान तमंचे से फायर भी हुआ था।
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने घटना को संज्ञान में लेते हुए दोनों पक्षों पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए जमीन पर कब्जा करने पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद दोनों पक्ष कब्जे के लिए प्रयासरत हैं। बुधवार को पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी घटना होने से बच गई।