श्रावस्ती। श्रावस्ती एयरपोर्ट से अप्रैल में हवाई सेवा प्रारंभ हो जाएगी है। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण पर हैं। पहले चरण में इस एयरपोर्ट से सारनाथ सहित बौद्ध स्थलों को जोड़ा जाएगा। इसी के साथ ही दिल्ली व लखनऊ की भी सेवाएं मिल सकती हैं। इस सेवा के शुरू होते ही जिले में बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में कुछ वर्ष पूर्व हवाई पट्टी बनाई गई थी। इसका उद्देश्य था कि जिले में आने वाले विदेशी पर्यटकों के छोटे जहाज को यहां उतारा जाए। लंबे अरसे तक यह पट्टी सूनसान पड़ी रही। कभी-कभी ही यहां चार्टर्ड प्लेन उतरे। इसी के बाद इस हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की पहल शुरू की गई।
रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम के तहत हुए इस परिवर्तन के बाद बौद्ध केंद्रों को आपस में हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने का कार्य प्रारंभ हुआ। इसके लिए कई बार जमीन की खरीद व क्षेत्र का विस्तार भी किया गया। धीरे धीरे एयरपोर्ट का कार्य अब अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया।
यहां अब मात्र कुछ माह का कार्य अवशेष है। इसी के बाद एयरपोर्ट नियमित उड़ान के लिए तैयार हो जाएगा। इस मामले में प्रशासन का दावा है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल तक एयरपोर्ट उड़ान के लिए तैयार हो जाएगा। पहले चरण में यहां से सारनाथ सहित बौद्ध स्थलों व दिल्ली व लखनऊ को जोड़ने का प्लान है।
यह कार्य हुआ पूरा
कटरा के खरगूपुर स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने के लिए उसका विस्तार किया गया है। इसके लिए करीब दस करोड़ 93 लाख 88 हजार रुपये से 11.15 हेक्टेअर भूमि की खरीद की गई। हवाई पट्टी को 1525 मीटर लंबा व 60 मीटर चौड़ा करने का कार्य भी पूरा हो गया है। इसके साथ ही 4000 मीटर बाउंड्रीवॉल, रनवे, एप्रन, टैक्सी वे, रोड, फायर स्टेशन, टर्मिनल बिल्डिंग का जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो गया है। हवाई पट्टी पर पांच वाच टावर बन कर तैयार हो चुके हैं। रनवे के समानांतर ग्रेडिंग का कार्य चल रहा है।
बाक्स में -
एयरपोर्ट का काम तेज गति से चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि मार्च माह तक यदि सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल से उड़ान सेवाएं प्रारंभ हो जाएगी। - योगानंद पांडे, एडीएम