भिनगा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर फर्राटा भर रहे ई रिक्शा।
- फोटो : भिनगा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर फर्राटा भर रहे ई रिक्शा।
श्रावस्ती। जिले की सड़कों पर मानकविहीन स्कूल वाहन धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं। इन पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। बीते शिक्षा सत्र में मात्र सात वाहन ही मानक के विपरीत मिले। वहीं, यदि सभी स्कूली वाहनों को खंगाला जाए तो कई वाहन चलन से बाहर हो सकते हैं।
निजी परिवहन की व्यवस्था मात्र निजी विद्यालयों में ही है। ऐसे में यह विद्यालय चंद पैसों के लिए बच्चों की सुरक्षा से भी समझौता कर लेते हैं। अभिभावक राकेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि उनका एक बच्चा नगर के ही एक विद्यालय में पढ़ता है। उन्होंने वाहन की फिटनेस की जानकारी लेनी चाहिए तो स्कूल प्रबंधक ने जानकारी देने से मना कर दिया। ऐसे में उन्हें मजबूरी में बच्चे को स्वयं ही स्कूल तक छोड़ने व लेने जाना पड़ता है। अभिभावक सत्यम मिश्रा ने बताया कि उनकी बेटी नगर के एक विद्यालय में पढ़ती है। चालकों की लापरवाही की जानकारी मिलने पर उन्होंने बेटी का नाम उस विद्यालय से कटवाकर दूसरे विद्यालय में लिखवाया है। परिवहन विभाग की सतर्कता की बात करें तो बीते शिक्षा सत्र में विभाग ने जिले के कुल सात स्कूल वाहनों का ही चालान है। न तो किसी वाहन को सीज किया न किसी स्कूल प्रबंधक कार्रवाई की गई।
सत्यापन के बाद होगी कार्रवाई
अभियान चलाकर वाहनों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान दो वाहन मानक विहीन मिले, जिनका फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया है। सत्यापन कार्य पूर्ण होने पर मानक विहीन वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार मिश्रा, एआरटीओ