श्रावस्ती। जिले में शिक्षकों की कमी नए सत्र में भी बेहतर शिक्षण कार्य में बाधक बनेगी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के नियमों के तहत मानक से करीब दो गुना से अधिक बच्चों की शिक्षा व्यवस्था एक शिक्षक के सहारे रहेगी। यदि 17 विद्यालयों का समायोजन हुआ तब भी इसमें कोई विशेष फर्क नहीं पढ़ेगा।
जिले में 594 प्राथमिक व 104 उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित 286 कंपोजिट विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इनमें अब तक हुए 12,061 नामांकन को जोड़ दिया जाए तो कुल 1,30,175 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जबकि जिले में 2,205 शिक्षकों की तैनाती है। इसके साथ ही 995 शिक्षामित्र व 117 अनुदेशक भी हैं। यदि इन्हें जोड़ दिया जाए तो यह संख्या बढ़ कर 3,317 हो जाती है। इनमें से 66 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं। वहीं तीन शिक्षक निलंबित हैं। जबकि जमुनहा व सिरसिया क्षेत्र के तीन-तीन शिक्षकों की जांच चल रही है। यही नहीं वर्तमान में 34 शिक्षिकाएं मातृत्व अवकाश पर हैं। ऐसे में देखा जाए तो 58 बच्चों की शिक्षा एक शिक्षक के भरोसे होगी।
यह होता छात्र-शिक्षक अनुपात
प्राइमरी में 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक
उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक
जिले में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। बेसिक शिक्षा परिषद सहित शासन स्तर पर इसकी जानकारी है। जो भी होना होगा, वहीं से होगा।
- अजय कुमार, बीएसए