श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालय के छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के 12 विद्यालयों को चिह्नित कर लर्निंग बाई डूइंग लैब का निर्माण कराया गया है। यहां क्रमवार छात्रों को विभिन्न ट्रेडों की जानकारी दी जाएगी।
एक जुलाई से विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में छात्रों को रोजगार परक शिक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विकास क्षेत्र में दो-दो उच्च प्राथमिक विद्यालय व दो पीएम श्री विद्यालय का चयन किया गया है। जहां लर्निंग बाई डूइंग लैब का निर्माण कराया गया है। इस लैब में क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन विद्यालयों में बनी लर्निंग बाई डूईंग लैब
गिलौला क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय भौंसावा, कंपोजिट विद्यालय गिलौला, इकौना क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर बनकट, कंपोजिट विद्यालय भिट्ठी, हरिहरपुर रानी क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय पटना, उच्च प्राथमिक विद्यालय पांडेयपुरवा में लैब बनाई गई है। इसी तरह से जमुनहा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय जमुनहा, कंपोजिट विद्यालय अचरौरा शाहपुर, सिरसिया क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय सुहेलवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मनपुर बाजार में लैब बनी है। इसी तरह से गिलौला के पीएमश्री विद्यालय तुलसीपुर व सिरसिया के पीएमश्री विद्यालय बुटहर में बने लैब में छात्रों को शिक्षित किया जाएगा।
इन ट्रेडों का मिलेगा प्रशिक्षण
लर्निंग बाई डूइंग लैब में इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एवं एनवायरमेंट, एग्रीकल्चर, नर्सरी व गार्डनिंग तथा होम एंड हेल्थ ट्रेड की शिक्षा दी जाएगी।
लर्निंग बाई डूइंग प्रभावी शिक्षण विधि है। इससे छात्रों को स्वयं से प्रयोग करके सीखने का अवसर मिलता है। इससे छात्रों को रचनात्मक तरीके से समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी। साथ ही उनमें रोजगारपरक शिक्षा के प्रति रुचि भी पैदा होगी।
- अजय कुमार, बीएसए