श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। इसके बावजूद राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। घटते बढ़ते जलस्तर को देख कछारवासियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती के कछार में बसे कई गांव जलमग्न हैं। कई मार्गों के जलमग्न हो जाने के कारण लोग आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेने को विवश हैं।
नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी सहित सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों का जलस्तर घट बढ़ रहा है। शनिवार को शाम तीन बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 127.95 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। जो खतरे के निशान से अब भी 25 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 128.00 मीटर था। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर है। राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती नदी के कछार में बसे गांव में खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।
वहीं राप्ती की लहरें खेत खलिहान, मार्ग व चकमार्गों को जलमग्न करते हुए गांव में प्रवेश कर रही हैं। जिससे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं बाढ़ का पानी मार्ग पर आ जाने से मल्हीपुर भिनगा मार्ग पर आवागमन ठप है। जमुनहा तहसील के सर्रा, उत्तमापुर, भौसाव, टीढ़ीपुरवा, नारायनपुरवा,,मिसिरपुरवा, नरायनपुर, वीरपुर ,बरंगा, भवानी नगर, पोदला, पोंडला तथा भिनगा के असरफ नगर, असरफा सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वहीं जमुनहा बहराइच मार्ग के जोगिया से नासिरगंज जाने वाले संपर्क मार्ग व जोगिया, भालुहिया, शमशेरगढ़, पोदला, धोबिहा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया गांव को जाने वाले मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी हो रही है।
नदी में जलस्तर की स्थिति
शनिवार सुबह 6 बजे राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 से 30 सेमी ऊपर 128.00 था। 7 बजे 128.05 मीटर, 9 बजे 128.05 मीटर, 12 बजे 128.00 मीटर व शाम तीन बजे 127.95 मीटर पर स्थिर है।
डीएम ने मधवापुर घाट पर सड़क मरम्मत कार्य का लिया जायजा
जिलाधिकारी टीके शिबु ने मधवापुर घाट के पास चल रहे सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसी भी दशा में सड़क को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने का अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित एवं अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड विनोद कुमार गुप्ता को निर्देश दिया। साथ ही कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि सड़क किसी भी दशा में कटने न पाए। ताकि आवागमन बाधित न हो सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, तहसीलदार जमुनहा नारायन सिंह मौजूद रहे।