श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र निवासी दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट के आरोपी छोटकऊ को शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार गौतम के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने छोटकऊ को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की रकम न जमा करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
गिलौला क्षेत्र निवासी महिला ने 27 अप्रैल 2013 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वह घर पर अकेली थीं। उसी दौरान गांव निवासी छोटकऊ व बाउर बेहना जबरन उनके घर में घुस आए और उन्हें खेत में उठा ले गए, जहां दोनों ने उनके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की तहरीर पर गिलौला पुलिस ने दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शुक्रवार को पुलिस ने छोटकऊ को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) अवनीश गौतम के समक्ष पेश किया।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने छोटकऊ को 20 साल के सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है। बताते चलें कि दुष्कर्म के दूसरे आरोपी बाउर की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी।