झिंझाना। क्षेत्र के गांव शामली-शामला निवासी युवक से रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दस लाख रुपये ठग लिए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया।
पीड़ित दीपक कुमार ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जिला मुजफ्फरगर के गांव बिराल निवासी शुभम से रिश्तेतदारी की वजह से जान हचान थी। 2020 में शुभम ने रेलवे में कोटे से नौकरी दिलाने के लिए तीन किस्तों में अक्टूबर 2020 से जनवरी 2021 तक दस लाख रुपये लिए। आरोपी ने उसे नौकरी के फर्जी दस्तावेज, एक रोल नंबर और एक ज्वाइनिंग लेटर भी दिया।
इसके बाद उसे एक महीने के लिए हावड़ा एक्सप्रेस में कथित ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। ट्रेनिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल, बात करना और फोटो खींचना मना किया गया। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उसे वापस भेज दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो उसे नौकरी मिली और न ही रुपये वापस किए। आरोपी ने बाद में उसे तीन लाख रुपये वापस किए जबकि सात लाख रुपये देने से मना कर दिया। जब उसने कई बार रकम का तकादा किया तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज कर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिस कारण उसे न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। दीपक का आरोप है कि आरोपी रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर नौकरी का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से रुपये ठगता है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शुभम व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।