शामली। पहाड़ों पर बारिश के बाद जिले में यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 24 घंटे में यमुना का जलस्तर और बढ़ गया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने यमुना किनारे वाले गांवों में चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी बाढ़ चौकियों पर एक-एक चिकित्सक
को दवाइयों की किट के साथ तैनात किया गया है। लेखपाल और ड्रेनेज खंड की टीम को अलर्ट कर दिया गया है।
एक अगस्त दोपहर यमुना में हथनीकुंड ताजेवाला बैराज से एक लाख 59 हजार 219 क्यूसेक और मंगलवार दोपहर एक लाख तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से जलस्तर बढ़ने लगा था। पिछले तीन दिन में यमुना के जलस्तर में 1.32 मीटर बढ़ोत्तरी हुई। कैराना यमुना पुल पर तैनात केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षक धन सिंह के अनुसार सोमवार शाम नौ बजे कैराना यमुना पुल पर जलस्तर 229.10 मीटर रिकार्ड किया गया था।
जो मंगलवार को दोपहर 12 बजे 230.20 मीटर और शाम को 230.40 मीटर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 230.40 मीटर से घटकर 230.30 तक डाउन हो गया था। उसके बाद यमुना का जलस्तर बढ़कर 230.42 मीटर पहुंच गया है। बुधवार को 23 हजार क्यूसेक पानी और छोड़े जाने की सूचना है।
दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से झुग्गी-झोपड़ियों को हटा दिया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि बुधवार को यमुना में मामूली जल छोड़ा गया है। जिले में यमुना किनारे आठों बाढ़ चौकियों पर एक-एक डाक्टर की तैनाती कर उन्हें दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है।
लेखपालों औ राजस्व अधिकारियों को यमुना किनारे प्रतिदिन दौरा कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि हालातों की जानकारी हो सके। वहीं, ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता केपी सिंह ने बताया कि हथनी कुंड से छोड़ा गया पानी बागपत, गाजियाबाद और दिल्ली में पहुंच गया है।