शामली। दहेज उत्पीड़न के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के मामले में जांच को महिला आयोग की टीम शामली कोतवाली पहुंची। इस मामले के आरोपी इटली में रह रहे हैं। शामली कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के एनबीडब्लयू (गैर जमानती वारंट) जारी किए, लेकिन उसे इटेलियन भाषा में मांगा जा रहा था। फिलहाल मामला आईजी क्राइम ब्रांच के यहां पैंडिंग है।
वर्ष 2003 में शामली कोतवाली में दहेज उत्पीडन की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले का आरोपी यहां से इटली चला गया। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस मामले में पीड़ितों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग में प्रार्थना पत्र डाल दिया। सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा शामली कोतवाली पहुंची।
यहां उन्होंने सीओ शामली निशांक शर्मा से चल रही कार्रवाई की जानकारी ली। सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में आरोपी इटली में रह रहे हैं। जिस कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मार्च 2015 में आरोपियों के एनबीडब्लयू वारंट जारी किए गए, लेकिन इस इटेलियन भाषा में कन्वर्ट कर मांगा गया था।
इस संबंध में एसपी शामली के स्तर से आईजी क्राइम को बताया गया कि वारंट को इटेलियन भाषा में कन्वर्ट कराने में खर्च आ रहा था। सीओ ने बताया कि आईजी क्राइम के यहां से बाद में पत्र आया कि वारंट को अंगे्रेजी भाषा में ही भेज दिया जाए। अब इस बारे में एक जनवरी 2016 को भी आईजी क्राइम के यहां रिमांइडर भेजा गया है।
सीओ ने बताया कि इस मामले में पूरी कार्रवाई के बारे में महिला आयोग की सदस्य को जानकारी दी गई है। जिसके बाद वह आईजी क्राइम से मिलने के लिए रवाना हो गई।