शामली। फर्जी पासपोर्ट और वीजा से घूम रहे नाइजीरियाई अमूटा बासिल की गिरफ्तारी से कई सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह वह हर्बल सीड्स की डील के सिलसिले में शामली तक पहुंचा, उसके पीछे बड़ा नेटवर्क होने की संभावना जताई जा रही हैं। खुफिया विभाग भी मान रहा है कि यह कोई ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह है। यदि जड़े खंगाली जाएं, तो कई खुलासे हो सकते हैं।
दरअसल, अमूटा बासिल केनेचुकवू ने सवा साल के भीतर दो बार फर्जी वीजा और पासपोर्ट का उपयोग किया। एसपी विजय भूषण के मुताबिक पूर्व में उसे मुंबई के धारावी क्षेत्र से गिरफ्तार किया जा चुका है। इसकी जानकारी उच्च खुफिया इकाइयों से प्राप्त हुई है। सवाल यह है कि वीजा संबंधी कार्य ऑनलाइन चल रहा है, तो फर्जीवाड़ा कर गलत ढंग से पासपोर्ट पर वीजा की एंट्री किस तरह कराई जा रही हैं।
फर्जीवाड़ा भी एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार किया गया। खुफिया विभाग भी इसकी जड़ें खंगालने में लगा हुआ है। ऑनलाइन ठगी करने वालों का बड़ा नेटवर्क देश दुनिया में फैला हुआ है। खासकर फेसबुक पर इसकी भरमार है। ऑनलाइन लुभावने इश्तहार डाले जाते हैं, जिसमें मोटी कमाई का लालच तक दिया जाता है। कभी दवाओं की खरीद, तो कभी दोस्ती करने के बहाने युवाओं को झांसे में फंसाया जाता है।
फेसबुक फ्रेंडशिप के जरिये पूर्व में कई युवक आतंकी संगठन आईएसआई के जाल में फंस चुके हैं। ऐसे अकाउंट बनाए जाते हैं, जिनकी प्रोफाइल में युवतियों की फोटो लगाई जाती है। पासपोर्ट और असलियत का फर्क ः विदेशी युवक के पासपोर्ट में अमूटा बी थैंकगोड और पता इनूगू (नाइजीरिया) लिखा हुआ है।
वहीं, पूछताछ होने पर शुक्रवार को उसने अपना नाम अमूटा बासिल केनेचुकवू, पिता का नाम इनोसेंट अमूटा और पता नूसीराटू लसीसी स्ट्रीट लागोस बताया। विदेशी युवक की गिरफ्तारी होने पर शुक्रवार सुबह उसके पक्ष में दिल्ली से अधिवक्ता अनिरुद्ध सिंह भी शामली पहुंचे। उन्होंने शामली कोतवाली से संपर्क किया और विदेशी नागरिक पर लगे आरोपों की जानकारी ली।
अमूटा बासिल का फेसबुक प्रोफाइल
नाइजीरियाई युवक ने फेसबुक पर अमूटा केनेचुकवू के नाम से अकाउंट बनाया हुआ है। उसमें 573 फ्रेंड्स हैं और वह 47 लोगों को फोलो करता है। खुद के करीब 10 फोटो फेसबुक पर डाले हुए हैं, जिनमें तीन फोटो में वह लग्जरी न्यू ब्रांड कार के साथ फोटो खिंचवाता दिख रहा है, तो एक फोटो में किसी ऑलीशान ऑफिस, तो दूसरा किसी होटल का लगता है। 31 अक्तूबर 2015 के बाद उसने फेसबुक अकाउंट अपडेट नहीं किया है। वहीं, फेसबुक अकाउंट बनाते समय उसने खुद को इंपोर्टर एक्सपोर्टर एंड स्पोर्विस की बिजनेस इंसाइडर में सीईओ लिखा हुआ है। नाइजीरिया के लागोस में ओजोओ के हाई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की है।
विदेश मंत्रालय से भी आई रिपोर्ट
नाइजीरियाई युवक के पासपोर्ट में दो वीजा संलग्न मिले। एक वीजा 5 मई 2015 से 4 नवंबर 2015 तक है और दूसरा तीन दिसंबर 2015 से दो जून 2016 तक का है। दोनों ही में बिजनेस वीजा लिखा है। उधर, पुलिस को विदेश मंत्रालय से निकलवाई जानकारी में दोनों ही वीजा नंबर पर अलग अलग व्यक्ति का रिकार्ड मिला। एक वीजा मिस्र के इजिप्ट निवासी युवक और दूसरा बांग्लादेशी युवक के नाम पर मिला है।