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पत्नी और पुलिस विभाग को ठहराया जिम्मेदार

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थानाभवन (शामली)। पीलीभीत जिले में आत्महत्या करने वाले सिपाही का शव रविवार देर रात में पैतृक गांव उस्मानपुर लाया गया। परिजनों ने मृतक सिपाही की पत्नी और पीलीभीत पुलिस पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने जितेंद्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। मृतक के भाई ने एसपी शामली के नाम प्रार्थना पत्र थाना प्रभारी को सौंपा। गन्ना मंत्री के कार्यालय प्रभारी और थाना प्रभारी के समझाने पर शव का अंतिम संस्कार किया।
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थानाभवन क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी जितेंद्र कुमार पीलीभीत के बिलासपुर थाने में सिपाही के पद पर तैनात थे। सिपाही की पत्नी पीलीभीत के बिलसंडा थाने में तैनात है। रविवार को ऑनलाइन वीडियो जारी करने के बाद जितेंद्र ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। रविवार रात को करीब दो बजे सिपाही का शव उस्मानपुर उनके घर लाया गया। शव को देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। जब पुलिस ने मृतक का अंतिम संस्कार कराने की बात कही, तो परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
आरोप लगाया कि जितेंद्र को पीलीभीत पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा था। साथ ही उसकी पत्नी और ससुराल वाले भी उसे परेशान कर रहे थे। परिजनों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। जितेंद्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की सीबीआई जांच की जाए। उन्होंने पीलीभीत में एसपी को प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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इस सूचना पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा के कार्यालय प्रभारी नरेंद्र त्यागी व थाना प्रभारी प्रभाकर कैंतूरा ने परिजनों को समझाकर शांत किया। मृतक सिपाही के भाई धर्मेंद्र की तरफ से एसपी सुकीर्ति माधव के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा गया। इसके बाद गमगीन माहौल में सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया।
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