शामली। मेरठ करनाल हाइवे चौड़ीकरण के तहत गांव टिटौली में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क किनारे नाला और डिवाइडर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से बना दिया है।
गांव टिटौली निवासी धीरेंद्र सिंह ने मंगलवार को शामली तहसील दिवस में पहुंचकर एसडीएम को शिकायत पत्र दिया। बताया कि मेरठ - करनाल हाइवे चौड़ीकरण पर टिटौली में सड़क के दोनों ओर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे पैदल चलने वाले और छोटे वाहन वालों को परेशानी होती है। यही नहीं निर्माण एजेंसी ने डिवाइडर और नाले की चौड़ाई भी व्यक्ति विशेष की सुविधानुसार बना दी है।
गरीब परिवारों के यहां की गली के बाहर नाले पर स्लैब तक नहीं डाला गया है। आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का भी इस्तेमाल किया गया है। मामले में जांच कराकर निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई कराने तथा अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।
जिले में बन रहीं अधोमानक सड़कें
शामली। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल चल रही है। जिले के जूनियर इंजीनियर की हड़ताल का फायदा उठाकर लोकनिर्माण विभाग की ओर से ठेकेदारों से मिलीभगत कर अधोमानक सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है।
17 अक्तूबर कैराना-झिंझाना, ऊन, थानाभवन मार्ग का कार्य प्रारंभ किया गया जो कि अधोमानक होने के कारण कार्य अगले दिन ही उखड़ गया। स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस घटिया कार्य का विरोध किया गया। जिसके फलस्वरूप कार्य पहले ही दिन कार्य बंद करा दिया गया। आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, ठेकेदार सरकारी धन का गबन करने में सफल नहीं हो पाए हैं, अन्य मार्गों के निर्माण के नाम पर जूनियर इंजीनियर्स की हड़ताल का फायदा उठाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश डिप्मोमा इंजीनियर्स महासंघ के जिला मंत्री दीप्तेश कुमार ने प्रदेश स्तर पर जांच टीम गठित करने, हड़ताल अवधि में कराए जा रहे अधोमानक कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।