कांधला। पूरा जिला बुखार का प्रकोप झेल रहा है और रोजाना कहीं न कही मौतें हो रही हैं। उधर, एलम पीएचसी पर आठ माह से डॉक्टर तक तैनात नहीं है। जिसके चलते यहां हर समय ताला लटका रहता है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कस्बा एलम के लोगों ने बताया कि यहां लगभग 25 से 30 हजार की आबादी है। आसपास के नाला, भारसी, भनेड़ा, बिराल आदि गांव की भी लगभग 50 हजार आबादी एक मात्र एलम पीएचसी पर ही निर्भर है। लेकिन पीएचसी पर आठ महीने से कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। वहीं बुखार के चलते कस्बे के पांच मौत हो चुकी हैं। जबकि काफी लोग बुखार से पीड़ित हैं। शनिवार को भी कोई छुट्टी न होने के बाद सुबह से ही पीएचसी पर ताला लटका रहा।
कई बार चेयरमैन व अन्य जिम्मेदार लोगों ने इस संबंध में डीएम, सीएमओ, एसडीएम से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में नौजवान भारत सभा ने 16 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया है। जिसके बाद एलम के इंटर कॉलेज में सभा आयोजित की जाएगी। जिसके बाद सभी लोग मिलकर डीएम सुजीत कुुमार को समस्या से अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि यदि इसके बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं नहीं मिली तो आंदोलन किया जाएगा।