कहां बेचे जैविक उत्पाद, कब होगा गन्ना भुगतान
शामली। किसानों की बात, वैज्ञानिकों के साथ ,कार्यक्रम के तहत सोमवार को कृषि मंत्री और कृषि वैज्ञानिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये किसानों से रूब-रू हुए। एनआईसी समेत कृषि विभाग के दफ्तर, बीज गोदामों में भी इसका प्रसारण दिखाया गया। इसमें कई जनपदों के किसानों ने कृषि, पशुपाल, उद्यान, डेरी ,गन्ना समेत कई समस्याएं रखीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों ने किया। शामली के एक किसान ने भी सवाल डाला था, लेकिन समयाभाव में उसका नंबर नहीं आया।
सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपराह्न दो से साढ़े पांच बजे तक इसका लाइव टेलीकॉस्ट हुआ। लखनऊ से कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, कृषि निदेशक स्वराज सिंह के अलावा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रदेश भर के किसानों से रू-ब-रू हुए । शामली में मुख्य टेलीकॉस्ट एनआईसी में हुआ। यहां जिले के प्रगतिशील किसान, महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, पशुपालक आदि को बुलाया गया था। कृषि उपनिदेशक शिवकुमार केसरी सहित कृषि अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें कृषि मंत्री ने किसानों को बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से ही सरकार ने इस कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसमें वरिष्ठ वैज्ञानिकों से किसान अपनी जटिल समस्याओं पर भी बात कर सकते हैं। कार्यक्रम में कई जनपदों के किसानों ने अपनी समस्याओं पर विशेषज्ञों से बात की। कांफ्रेसिंग के माध्यम से अन्य जनपदों के किसानों द्वारा कुछ इस तरह सवाल पूछे गए।
जैविक उत्पाद की मंडी नहीं है
सहारनपुर के किसानों ने पूछा कि जैविक उत्पाद को बेचने के लिए उचित प्लेटफार्म नहीं है। इन्हें कहां बेचें। इस पर विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि लखनऊ सहित कुछ शहरों में इसकी मंडी है, लेकिन इस संबंध में जनपद स्तर पर भी प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में शासन स्तर पर विचार किया जाएगा।
कब तक होगा गन्ना भुगतान
मुरादाबाद के किसानों ने गन्ना भुगतान ना होने का मुद्दा उठाया। इस पर बताया गया कि पिछले सत्र का बकाया दिलाने का सरकार पूरे प्रयास कर रही है। पहले की तुलना में अधिक भुगतान हुआ है।
झिंझाना और कांधला बीज गोदाम में भी दिखाया प्रसारण
कृषि विभाग ने कांधला और झिंझाना बीज गोदाम में भी इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। कई क्षेत्रीय किसान पशुपालकों आदि को यहां बुलाया गया था ।यहां भी किसानों ने लाइव टेलीकॉस्ट देखा और दूसरे जनपदों के किसानों द्वारा पूछे गए सवालों को गंभीरता से सुना।
शामली के किसान का नंबर ही नही आया
शामली। एनआईसी में चल रही वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद भैंसवाल गांव के किसान विनय ने नील गाय और जंगली जानवर की समस्या पर सवाल डाला था। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि समया भाव के कारण विनय के सवाल का नंबर नहीं आया।