शामली/कैराना/झिंझाना। जिले में रविवार को कई जगह आग लगी। झिंझाना और कैराना में आग लगने के कारण किसानों का लाखों का गेहूं खाक हो गया। जबकि शामली में कैराना रोड पर लगी कूडे़ के ढेर में आग लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग की गाड़ियों द्वारा आग पर काबू किया गया।
शामली के कैराना रोड पर नगरपालिका द्वारा कूड़ा डाला जाता है। इस कारण वहां पर कूडे़ का बड़ा ढेर लगा हुआ है। रविवार को इस ढेर में अज्ञात कारणों के कारण आग लग गई। आग की लपटे देखकर दमकल विभाग को इसकी सूचना लोगों ने दी। सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची और आग पर घंटों की मशक्कत के बाद काबू किया। उधर आग से उठने वाली बदबू और धुएं के चलते राहगीरों, वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्राम मोहम्मदपुर राई निवासी खुर्शीद ने अपने पांच बीघा के खेत में गेहूं की फसल बो रखी थी। खुर्शीद के खेत के बराबर में पड़ोसी का ईख का खेत है। रविवार दोपहर एक बजे ईंख के खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी के कारण ईख के खेत में आग लग गई। तेज हवा के झोके के कारण आग उसके गेहूं के खेत तक पहुंच गई और उसका पांच बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। बाद में खुर्शीद ने एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी को ज्ञापन देते हुए मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
रविवार सुबह लगभग 10 बजे गांव रोटन में गेहूं कि 70 बीघा खड़ी फसल में अज्ञात युवक ने आग लगा दी। जब तक मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया पूरी फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी। पीड़ित किसानों ने पुलिस कंट्रोल रूम के अलावा फायरब्रिगेड शामली को फोन किया, लेकिन सूचना देने के बाद दो घंटे बाद फायरब्रिगेड वहां पहुंची तब तक ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ग्रामीण अगर आग नही बुझाते तो लगभग हजारों बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो जाती।
किसान जसवंत सिंह कि 20 बीधा हाजी बाल्ला कि 22, अवतार सिंह कि आठ, करनैल सिंह कि 20 बीघा जमीन में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि तहरीर लेकर एसडीएम ऊन से मिलने गए थे, लेकिन रविवार होने के चलते प्रार्थना पत्र रिसीव नहीं हो सका है।
रजवाहे के पानी से गेहूं की फसल बर्बाद
जलालाबाद। लुहारी मार्ग पर नांगल रजवाहे में अधिक पानी आने से आसपास के कई किसानों की तैयार खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। किसान शब्बीर अहमद ने बताया कि पूर्व में भी कई बार अधिकारियों को रजवाहे की मरम्मत के लिए कहा गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। आए दिन खेतों में रजवाहे का पानी भर जाता है।