बुधवार को ऊन में साप्ताहिक बंदी की हुई घोषणा
गढ़ीपुख़्ता/ ऊन। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में साप्ताहिक बंदी को लेकर व्यापारी दो गुटों में बंट गए। बाद में बुधवार को साप्ताहिक बंदी करने करने का आम सहमति बनी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने सभी व्यापारियों को कोरोना राहत दिए जाने की मांग की है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए लोगों से आह्वान किया।
ऊन कस्बे के मेन बाजार स्थित धर्मशाला में पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने सभी व्यापारियों से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार से व्यापारियों के लिए राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा मांगे पूरी नहीं की जाती, तो फरवरी में दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से सहयोग करने की अपील की। साप्ताहिक बंदी को लेकर कस्बे के व्यापारी दो धड़ों में बटे नजर आए, जिसको लेकर बैठक में हंगामा हो गया, बाद में संगठन के अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने व्यापारियों को शांत कर बुधवार को साप्ताहिक बंदी की घोषणा की, जिसे दोनों गुटों ने मान लिया। बैठक में नगर मंडल के अध्यक्ष पुरुषोत्तम गर्ग, महामंत्री शांतनु मित्तल, सुशील गर्ग, नरेश गोयल, सुरेंद्र पाल, राजेश मित्तल, कवरपाल, सुबोध आदि शामिल रहे।
गढ़ीपुख्ता कस्बे में व्यापारियों ने प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। मंच का संचालन व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष नीरज जैन ने किया। अध्यक्षता व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने की। इस मौके पर नरेश गोयल को महामंत्री, ऋषभ जैन को कोषाध्यक्ष, अंकिता संगल को संगठन मंत्री मनोनीत करके उनको प्रमाण पत्र दिए गए। गर्ग ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते व्यापार बंद रहने के कारण सभी व्यापारी बहुत बुरी तरह प्रभावित हुए। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष नीरज जैन, सुभाष धीमान प्रदेश महामंत्री, नीरज जैन, राजेंद्र शर्मा ,नरेश गोयल, निसार अहमद, महबूब मलिक, नरोत्तम गर्ग, टेकचंद ,प्रदीप संगल, अमित संगल, संदीप संगल, पवन संगल दीपक जैन, ,सतीश गर्ग ,शिवकुमार ,सुभाष सैनी, हाफिज जी ,आजम, सतीश गर्ग , सरवन गोयल, मुकेश गोयल ,शिव कुमार ,सुनील गोयल ,चंद्रपाल ,महिपाल यादव, यामीन मलिक, राजेश गोयल ,कफील अहमद ,नीलेश अरोरा ,अनुराग ,अंकित संगल आदि अनेक व्यापारी मौजूद रहे।