शामली। महंगाई अब गरीब बेटियों की शादी में मिलने वाले सरकारी ''''शगुन'''' पर भी भारी पड़ने लगी है। सोने-चांदी के आसमान छूते दामों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है।
अब इस योजना के तहत शादी करने वाली बेटियों को सरकार की ओर से चांदी के पायल और बिछवे नहीं दिए जाएंगे। उसकी जगह अब चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। समाज कल्याण विभाग ने यह फैसला बढ़ती महंगाई, चांदी की कीमतों में उछाल और खरीद-वितरण से जुड़ी दिक्कतों को देखते हुए लिया है। दरअसल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में नवविवाहित जोड़ों की गृहस्थी का सामान, कपड़े, श्रृंगार सामग्री और दुल्हन के लिए चांदी के पायल-बिछवे दिए जाते थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चांदी और अन्य धातुओं के दामों में बढ़ोतरी के कारण तय बजट में गुणवत्तापूर्ण पायल और बिछवे खरीद पाना मुश्किल हो गया है।
-एक जोड़े पर एक लाख खर्च
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये विवाह समारोह, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च होते हैं। इसके अलावा करीब 15 हजार रुपये मूल्य का गृहस्थी और श्रृंगार सामग्री का उपहार नवदंपती को दिया जाता है। इसी उपहार सामग्री में अब तक पायल और बिछवे भी शामिल थे। अब इनकी जगह चार हजार रुपये नकद दिए जाएंगे। हालांकि गृहस्थी का सामान दिया जाएगा
-शासन के निर्देशन पर बदलाव किया गया है। अब पायल-बिछवे के स्थान पर चार हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। जल्द ही आवेदनों का सत्यापन कर विवाह आयोजित कराए जाएंगे।
-रीतू रस्तोगी, समाज कल्याण अधिकारी।