शामली/ऊन/जलालाबाद/थानाभवन/झिंझाना। जिले में शनिवार दोपहर को आंधी के साथ बारिश हुई। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं जगह-जगह पर जलभराव की समस्या बन गई। बारिश थमने के बाद शाम तक बादल छाए रहे। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में आंधी तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
शनिवार सुबह को मौसम साफ होने के कारण धूप निकली। दोपहर में दो बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और आंधी चलने लगी। जिले में कहीं पर हल्की तो कहीं पर तेज बारिश हुई। शामली में हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में तापमान में कोई बदलाव नहीं आया। अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस स्थिर बना रहा। उधर, मौसम विभाग की तरफ से मोबाइल पर आंधी तूफान व बारिश की संभावना के चलते अलर्ट रहने का संदेश भेजा गया। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
ऊन क्षेत्र में दोपहर को तेज आंधी चली तथा हल्की वर्षा हुई लेकिन जगह-जगह सड़कों पर जल भराव हो गया। नालों की सफाई न होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। जलालाबाद क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया। बारिश और हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट आई। उधर, किसानों का कहना है कि यह केवल धूल-मिट्टी साफ करने वाली बारिश थी, इससे खेतों में फसलों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। हल्की रिमझिम बारिश से खेतों की ऊपरी परत भी ठीक से गीली नहीं हुई है। सेवन सैनी, अर्जुन, दर्शन, बबलू सैनी, राकेश, साजिद अहमद, शकील चौधरी व राशिद अहमद ने बताया कि इस समय फसलों को भरपूर पानी की आवश्यकता है। धान की नर्सरी और अन्य मौसमी फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। किसानों ने बताया कि अगर जल्द ही झमाझम बारिश नहीं हुई, तो उन्हें सिंचाई के लिए महंगे डीजल और नलकूपों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे खेती की लागत बढ़ जाएगी। थानाभवन क्षेत्र में बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी तेज हवाओं के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हवा चलने के साथ ही नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं तेज हवाओं ने आम, लीची के बागबानों की चिंता भी बढ़ा दी है। बागवानों नसीम अहमद, रईस अहमद आदि का कहना है कि इन दिनों तेज आंधी के झोंकों से बड़ी संख्या में आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं, जिससे फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इस समय आम की फसल तैयार होने के अंतिम चरण में है और ऐसे मौसम से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। झिंझाना में तेज बारिश हुई। इससे बाजारों और सड़कों पर पानी भर गया। बारिश के दौरान लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। खेतों में खड़ी फसलों और पशुपालकों को भी इस बारिश से राहत मिली।