शामली। मौसम में बार-बार बदलाव के चलते गले में खराश के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में इस तरह के 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक इसे वायरल संक्रमण बताते हुए दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
पहले इस तरह के मरीज ओपीडी में 15 से 20 आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर लगभग दुगनी हो गई है। नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंजली तंवर ने बताया कि इस तरह के मौसम में नमी बनने से वायरस पनपते हैं। जब ये वायरस शरीर में पहुंचते है तो सबसे पहले गले में इसका असर पड़ता है। वायरल संक्रमण के कारण गला दुखना, सूजन आना और जलन होने की समस्या बनती है। इस कारण इस तरह के मौसम में गले में खराश व एलर्जी होने की आशंका रहती है। वायरल से पीड़ित व्यक्ति के खांसने व छींकने से भी लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं, इसलिए लोगों को इस मौसम में बचाव करने की जरूरत है। इस तरह की समस्या होने पर मरीजों को चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
गले में संक्रमण के लक्षण
गले में खुजली व जलन होना।
सूजन और खराश होना।
सूखी खांसी होना।
बोलने या निगलने में परेशानी होना।
गले में कफ जमा होना
बचाव
मौसम के अनुसार पूरी बाजू के कपड़े पहने।
ज्यादा ठंडा पानी व पेय पदार्थों का सेवन न करें।
ज्यादा देर तक या बार-बार पानी में भीगने से बचे।
गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाए।
वायरल संक्रमण होने पर चिकित्सक की सलाह से दवा ले।