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Shamli News: सीएम की रैली में जाकर बताएंगे समस्या

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थानाभवन। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर थानाभवन शुगर मिल के गेट पर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंचकर किसानों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने सोमवार को सहारनपुर में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी मांग को रखने का निर्णय लिया गया। रविवार शाम को धरना स्थल पर कैराना सांसद इकरा हसन भी पहुंची।
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सांसद ने किसानों से बात की और उनकी समस्या जानी। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख शेर सिंह राणा ने संयुक्त किसान संघर्ष समिति के सदस्यों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अनाधिकृत दबाव बनाने का प्रयास प्रशासन न करें। किसान अपने गन्ने का बकाया भुगतान लेने के लिए धरने पर बैठने को मजबूर है। इससे पहले भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह राणा ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि सगंठन ने डीएम व मंडलायुक्त को सूचित कर दिया है सोमवार को उन्हें मुख्यमंत्री से बातचीत का समय दें। उन्होंने कहा बजाज शुगर मिल किसानों का उत्पीडन कर गन्ना भुगतान नहीं कर रहा है। किसान एक सप्ताह से मिल गेट पर धरना दे रहे हैं। लेकिन मिल अधिकारी किसानों के बीच नहीं आए बल्कि उल्टा प्रशासन दवाब बना रहा है।
पांच करोड़ नहीं 50 करोड़ चाहिए
सांसद के पहुंचने की सूचना पर पर एसडीएम सदर विनय भदौरिया व डीसीओ रणजी सिंह कुशवाह भी मौके पर पहुंचे। धरने पर मिले के उपाध्यक्ष जीवी सिंह पहुंचे और उन्होंने पांच करोड़ रुपये का भुगतान करने की बात कही। किसानों ने कहा कि उन्हें पांच करोड़ नहीं 50 करोड़ चाहिए। वह अपना हक मांग रहे हैं। किसानों और अधिकारियों में वार्ता के बाद बात नहीं बनी। देर शाम तक सांसद व अधिकारी धरने पर मौजूद हैं।
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समर्थन में आए कई संगठन

भाकियू चढ़ूनी के जिलाध्यक्ष निखिल खैवाल ने किसानों का 230 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। विगत वर्षों का बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज है। धरने पर किसान यूनियन भानू, भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान यूनियन टिकैत, किसान मजदूर भारतीय सगंठन, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, किसान यूनियन, सामाजिक सगंठन राजपूत उत्थान सभा के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को सर्मथन दिया। किसानों ने महापंचायत के आयोजन को लेकर विचार विर्मश किया। संयुक्त किसान संघर्ष समिति के लाल्ला ठाकुर, कपिल राणा, धीरज राणा, राजू ठाकुर ने कहा कि चार माह के बकाया गन्ना भुगतान में से मात्र 17 दिन का भुगतान करना किसानों का खुला शोषण है। इस अवसर पर रामचरण चीनू खेड़ा, संजू चौधरी, लवी राणा, हरेंद्र सिंह, संदीप कुमार, तहसीन अहमद, ठा. रामचरण सिंह व मुकेश राणा आदि मौजूद रहे।
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