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कोरोना के योद्धा- हमने अब ठाना है, कोरोना को हराना है

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शामली एसीएमओ श्रीकांत शर्मा - फोटो : SHAMLI
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हमने अब ठाना है, कोरोना को हराना है
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शामली। शामली में कोरोना के जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉक्टर श्रीकांत शर्मा का कहना है कि कोरोना महामारी से पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में यह लड़ाई किसी एक परिवार की नहीं। पूरे राष्ट्र की लड़ाई है। उन्होंने तय कर लिया है की जब तक कोरोना पर जीत नहीं पा लेते, तब तक वह अपने घर नहीं जाएंगे। पहले देश है उसके बाद परिवार है। देश के लोग स्वस्थ रहेंगे, तो उनका परिवार भी खुद ब खुद स्वस्थ रहेगा।
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डा. श्रीकांत का परिवार मेरठ में रहता है। परिवार में करीब 82 साल की मां, पत्नी, और दो बेटे हैं। जब से लॉकडाउन हुआ है, वह अपने घर नहीं गए हैं। दिन रात कोरोना संक्रमित या कोरोना के लक्षण वाले लोगों की जहां से भी सूचना मिलती है, वहीं पर टीम लेकर दौड़ पड़ते हैं। कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग, काउंसलिंग करते हैं। लोगों को कोरोना से बचाव के तरीके बताकर जागरूक करते हैं। डा. श्रीकांत कहते हैं कि कोरोना की यह लड़ाई हमें हर हाल में जीतनी है। इस समय परिवार की चिंता छोड़कर पूरा ध्यान इसी पर लगाया हुआ है। वृद्ध माताजी की देखभाल करना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन संकट की इस घड़ी में उनके लिए डाक्टर होने के नाते पहले कोरोना पीड़ितों की मदद करना और लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाना उनके लिए ज्यादा महत्व रखता है, इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा समय देकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। लॉकडाउन होने के बाद से रात में मुश्किल से चार-पांच घंटे ही सो पाते हैं। रोज देर रात तक जागना, सुबह जल्दी उठना। इसमें भी अगर कहीं से कॉल आती है तो तुरंत चल पड़ते हैं। दिनभर की भागदौड़ में शरीर थकान महसूस करता है लेकिन जब बात कोरोना से लड़ाई की आती है, थकान भूल जाते हैं। उन्हें जब समय मिलता है तब घर पर परिवार के लोगों से मोबाइल कॉल कर उनका हालचाल लेते हैं। राष्ट्र धर्म के इस काम में परिवार का भी सहयोग मिल रहा है।
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